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यूपी में कला-संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा, काशी में गंगा और अयोध्या में राम-रामायण समेत तीन बड़े आयोजन

Published: Fri, 25 Sep 2026 09:18 AM (IST)

उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की समृद्ध कला और संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने के लिए वाराणसी, अयोध्या और लखनऊ ...और पढ़ें

काशी में गंगा और अयोध्या में राम-रामायण समेत तीन बड़े आयोजन।

काशी में गंगा और अयोध्या में राम-रामायण समेत तीन बड़े आयोजन।

HighLights

  1. वाराणसी, अयोध्या, लखनऊ में तीन बड़ी कला कार्यशालाएं आयोजित होंगी।

  2. राम-रामायण, लोक कला, काशी-गंगा विरासत पर केंद्रित होंगे आयोजन।

  3. इन आयोजनों में देश-विदेश के कलाकार अपनी कला दिखाएंगे।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। उत्तर प्रदेश की समृद्ध कला, संस्कृति और जीवंत परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ देशभर के कलाकारों को एक मंच पर लाने के लिए प्रदेश सरकार विशेष तैयारी कर रही है।

इसके लिए वाराणसी, अयोध्या, लखनऊ में तीन प्रमुख कला कार्यशाला और शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में राम और रामायण की सांस्कृतिक परंपरा, लोक एवं पारंपरिक चित्रकला तथा काशी और गंगा की आध्यात्मिक-सांस्कृतिक विरासत को कला के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।

पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने आयोजन के विषय में बताया कि कला और संस्कृति केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य विरासत है। तीनों आयोजनों का व्यापक उद्देश्य परंपरा, रचनात्मकता और नई पीढ़ी के बीच निरंतर संवाद तैयार करना है।

अयोध्या में कार्यक्रम 22 से 26 अक्टूबर तक डा. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के सहयोग से राम की पैड़ी, गुप्तार घाट पर ‘राम, रामायण और अयोध्या’ राष्ट्रीय कार्यशाला एवं व्याख्यान श्रृंखला आयोजित की जाएगी।

लखनऊ में 18 से 22 नवंबर तक ‘लोकधारा’ लोक व पारंपरिक कला शिविर आयोजित किया जाएगा। वाराणसी में गंगा तट पर दिसंबर के दूसरे सप्ताह में चार दिवसीय ‘काशी फ्लो’ अंतरराष्ट्रीय कला शिविर एवं प्रदर्शनी होगी। इसे गंगा महासभा और राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जाएगा।

इसका उद्देश्य सांस्कृतिक विरासत, गंगा, काशी और यहां की जीवंत परंपराओं को कला के माध्यम से अभिव्यक्त करना है। आयोजन में वाराणसी, वृंदावन, देहरादून, मथुरा, दिल्ली, जयपुर, भोपाल, ओडिशा, लखीमपुर, सिरसा, मऊ, मेरठ आदि स्थानों के कलाकार शामिल होंगे। ‘काशी फ्लो’ के जरिए देश और विदेश के कलाकारों को उत्तर प्रदेश की विरासत, संरक्षण और सांस्कृतिक समृद्धि को कला की भाषा में समझने और प्रस्तुत करने का अवसर देने की परिकल्पना की गई है।

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