वाराणसी, जेएनएन। रेड जोन होने के बावजूद जनपद में अब तक यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की 78 फीसद कापियां जंच चुकी हैं। जनपद के चारों केंद्रों पर आवंटित हाईस्कूल व इंटर की कुल 5,69,952 कापियों में से अब तक 4,44,526 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हो चुका है। वहीं कापियों में शेरो-शायरी व मार्मिक अपील मिलने का क्रम गुरुवार को भी जारी रहा। इंटर हिंदी के एक परीक्षार्थी ने कापी के अंत में लिखा था कि मेरा हाथ टूट गया है। मैं दूसरे से कापी लिखवा रहा हूं। हाथ तो टूटा ही है मनोबन न तोड़े। गुरुजी मुझे पास कर दें। हालांकि परीक्षार्थियों के अपील का परीक्षकों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। वह सही व गलत का आकलन करते हुए अंक दे रहे हैं

गैरहाजिर रहे 408 परीक्षक

जनपद के चारों केंद्रों पर गुरुवार को हाईस्कूल व इंटर के विभिन्न विषयों की कापी के लिए 1335 परीक्षक बुलाए गए थे। डीआइओएस डा. वीपी सिंह ने बताया कि 927 परीक्षक उपस्थित रहे। किन्हीं कारणवश 408 परीक्षक गैरहाजिर रहे।

सभी परीक्षकों को बुलाया

राजकीय क्वींस इंटर कालेज केंद्र के पनियंत्रक/प्रधानाचार्य डा. राजेश कुमार ङ्क्षसह यादव ने बताया में 29 मई से हाईस्कूल के सामाजिक विज्ञान के सभी परीक्षकों व उप प्रधान परीक्षकों को बुलाया गया है।

मुफ्त किताबों की पहुंची दूसरी खेफ

परिषदीय विद्यालयों के बच्चों के लिए मुफ्त पाठ्य पुस्तकों के आने का क्रम जारी है। 1,61,573 किताबों की दूसरी खेफ गुरुवार को बनारस पहुंची। इस बार सभी किताबें कक्षा छह, सात व आठ की हैं। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने चार बच्चों से किताबों की वितरण की शुरुआत भी कर दी। 

बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि कक्षा एक से आठ तक के 61 टाइटिल की किताबों के लिए क्रय आदेश मार्च में ही दिया गया था। परिषदीय के अलावा अनुदान, राजकीय प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल, मदरसा, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों के बच्चों के लिए 2,73,573 पाठ्य पुस्तकों का आर्डर दिया गया था। वहीं, पहली खेफ में 23 मई को कक्षा छह की मंजरी नामक 34,994 पुस्तकें आई हैं। मई के अंत तक सभी कक्षाओं की किताबें आने की संभावना है। वहीं, जून के प्रथम सप्ताह से किताबें बच्चों के घर-घर भेजवाने का प्रबंध किया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।

जूता-मोजा व बैग जुलाई तक

वर्तमान सत्र के बच्चों को जूता-मोजा व बैग भी मुफ्त उपलब्ध कराने के लिए शासन स्तर पर टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऐसे में जुलाई तक बच्चों को जूता-मोजा व बैग भी मिलने की संभावना है।

पाठ्य पुस्तकों की संख्या

1,60,199 कक्षा एक से पांच तक

1,13,374 कक्षा पांच से आठवीं तक

2,73,573 कुल पाठ्य पुस्तकें

Posted By: Saurabh Chakravarty

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