वाराणसी, जेएनएन। यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के अंकपत्रों में त्रुटियां देखने को मिल रही हैं। ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने में चूक के चलते बोर्ड ने बालक को बालिका बना दिया है। हालांकि बोर्ड अभी मार्कशीट नहीं जारी कर सका है। छात्र इंटरनेट से डाउनलोड अंकपत्र के आधार पर संशोधन के लिए आवेदन दे रहे हैं। क्षेत्रीय बोर्ड कार्यालय की ग्रीवांस सेल में 550 से अधिक परीक्षार्थी आवेदन कर चुके हैं। इसमें हाईस्कूल के 200 व इंटर के करीब 350 आवेदन शामिल हैं। 

कोविड-19 के प्रकोप के चलते मूल्यांकन 31 मई तक चला था। वहीं रिजल्ट 27 जून जारी हुआ। रिजल्ट आने के बाद संशोधन के लिए आवेदन करने वाले परीक्षार्थियों को मार्कशीट का इंतजार है। परीक्षार्थी स्कूलों का चक्कर काट रहे हैं। अंकपत्र आने में हो रही देरी को देखते हुए तमाम परीक्षार्थी इंटरनेट से डाउनलोड कर विवरण संशोधन के लिए आवेदन कर रहे हैं।

परीक्षार्थियों की शिकायत परीक्षा देने के बाद एक पेपर में अनुपस्थित करने को लेकर

ज्यादातर परीक्षार्थियों की शिकायत परीक्षा देने के बाद एक पेपर में अनुपस्थित करने को लेकर है। कुछ का लिंग कोड गलत हो जाने के कारण बालक से बालिका हो गए हैं। कुछ परीक्षार्थियों के नाम, जन्म तिथि सहित अन्य विवरण में भी त्रुटि है। ग्रीवांस सेल के कर्मचारियों का कहना है कि बोर्ड अब परीक्षा फार्म ऑनलाइन भरवा रहा है। ऐसे में परीक्षार्थियों द्वारा ऑनलाइन भरे गए विवरण के आधार पर रिजल्ट तैयार किया गया है। ऐसे में त्रुटियों के लिए बोर्ड नहीं संबंधित परीक्षार्थी और आवेदन सत्यापन करने वाले संबंधित विद्यालय जिम्मेदार हैं। बहरहाल आवेदन करने वाले परीक्षार्थियों का विवरण संशोधित किया जा रहा है।

कोविड-19 के प्रकोप को देखते हुए परीक्षार्थियों को ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी

इस बार कोविड-19 के प्रकोप को देखते हुए परीक्षार्थियों को ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी है। आवेदन की मूल कापी व अन्य साक्ष्य पंजीकृत डाक से भेजनी होगी। क्षेत्रीय बोर्ड कार्यालय से वाराणसी सहित 15 जिले संबद्ध हैं। ऐसे में वाराणसी,  अयोध्या, आंबेडकर नगर, सुल्तानपुर, बाराबंकी, अमेठी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मीरजापुर, भदोही, सोनभद्र आजमगढ़, मऊ, बलिया के सैकड़ों परीक्षार्थियों की बड़ी राहत मिल गई है।