चंदौली, जागरण संवाददाता। कोरोना काल में मतदान प्रतिशत बढ़ाना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। इसमें छात्र-छात्राओं की मदद ली जा रही है। स्कूल, कालेज में वोटर लिट्रेसी क्लब बनाए जा रहे हैं। क्लब में शामिल छात्र-छात्राओं को मतदाता जागरुकता की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पिछले विधानसभा चुनाव में जिले में मतदान का आंकड़ा 60 फीसद से अधिक था। इस बार भी इसे बरकरार रखने का प्रयास किया जा रहा है।

जिले में कोरोना संक्रमण दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ फरवरी में इसके पीक पर पहुंचने की आशंका व्यक्त कर रहे हैं। ऐसे में संक्रमण को लेकर लोगों में भय की स्थिति पैदा हो सकती है। इसका असर मतदान पर भी पड़ सकता है। इसको लेकर प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है।

इसमें स्‍वीप कार्यक्रमों के साथ ही छात्र-छात्राओं की भी मदद लेने की योजना बनाई गई है। इसके लिए स्कूलों में वोटर लिट्रेसी क्लब बनाए जा रहे हैं। क्लब में विद्यालय के तेज- तर्रार छात्र- छात्राओं को शामिल किया गया है। छात्र-छात्राएं जागरुकता रैली व स्विप कार्यक्रमों के जरिए लोगों को मतदान के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्हें लोकतंत्र में मताधिकार का महत्व बता रहे हैं। साथ ही कोरोना से बचाव को लेकर मतदान केंद्रों पर प्रशासनिक इंतजाम के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। ताकि लोग बूथों पर जाकर कोविड प्रबंधन के बीच मतदान कर सकें। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे मतदान प्रतिशत बढ़ेगा।

2012 में 60 व 2017 में 63 फीसद हुआ था मतदान : 2012 व 2017 के विधानसभा चुनाव में मतदान का आंकड़ा बेहतर रहा है। 2012 के चुनाव में जिले में 60.76 फीसद मतदान हुआ था। मुगलसराय विधानसभा में सर्वाधिक 62.52 प्रतिशत व सैयदराजा में सबसे कम 58.89 फीसद मतदान हुआ था। इसी तरह 2017 के विधानसभा चुनाव में 63.01 फीसद मतदान हुआ था। चकिया विधानसभा में सर्वाधिक 64.13 फीसद व मुगलसराय में सबसे कम 61.80 प्रतिशत वोट पड़े थे।

मतदान को करेंगे जागरूक : मतदाता जागरुकता के लिए स्कूलों में वोटर लिट्रेसी क्लब बनाए गए हैं। कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए मतदाताओं को जागरूक किया जा रहा है। बूथों पर कोरोना से बचाव के मुकम्मल इंतजाम किए जाएंगे। - संजीव सिंह, जिला निर्वाचन अधिकारी। 

Edited By: Abhishek Sharma