जागरण संवाददाता, भदोही। जर्मनी के हनोवर में आयोजित होने वाले चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कालीन मेला में धूम मचाने के लिए निर्यातक जोर शोर से तैयारियों में जुटे हैं। कुछ अलग करने की सोच व विश्व बाजार में भारतीय कालीन उत्पादों की धमक बनाए रखने के लिए हर निर्यातक नया करने का प्रयास कर रहे हैं। आलम यह जर्मनी, इटली व फ्रांस के प्रख्यात डिजाइनरों के सहयोग से यूनिक सैंपल तैयार कराए जा रहे हैं।

निर्यातकों को विश्वास है कि कालीन मेलों के मेगा इवेंट में नए लुक वाले कालीन छाप छोड़ने में सफल होंगे।12 जनवरी से प्रारंभ हो रहे डोमोटेक्स के लिए नवंबर के पहले सप्ताह से सैंपल भेजने का सिलसिला प्रारंभ हो जाएगा। इसके लिए अलग अलग डिजाइनों में अलग- अलग उत्पादों के लिए सेंपल तैयार कराए जा रहे हैं। गोपीगंज के प्रमुख कालीन निर्यातक संजय गुप्ता का कहना है कि भारतीय कालीन निर्यातकों के लिए डोमोटेक्स हमेशा से स्पेशल रहा है। पिछले साल कोरोना के कारण आयोजन रद हो गया था।

ऐसे में इस बार तैयारियों के लिए निर्यातकों का काफी समय मिल गया। इस बार जर्मनी व इटली के डिजाइनरों द्वारा तैयार डिजाइनों को सैंपल में ढाला जा रहा है। हैंडलूम उत्पादों को प्राकृतिक रंगों के माध्यम से आकर्षक लुक देने का प्रयास किया जा रहा है। परंपरागत भड़कीले कलर की बजाए पेस्टल कलर के सैंपल तैयार कराए जा रहे हैं। इसके अलावा जूट उत्पादों को भी नया रंग रूप दिया जा रहा है। तेजी के साथ प्रचलन में आ रहे जूट निर्मित उत्पादों को नया लुक देने का प्रयास किया गया है। भदोही के अरविंद गुप्ता, श्याम नारायण यादव, इम्तियाज अंसारी, रोहित गुप्ता आदि निर्यातक भी डोमोटेक्स में कुछ अलग करने की मंशा के तहत सैंपल तैयार कराने में जुटे हैं।

Edited By: Saurabh Chakravarty