गाजीपुर, शिवानंद राय। बेशक, 2024 का सियासी अखाड़ा सजने में एक साल का लंबा समय है, लेकिन भाजपा हाईकमान ने अभी से चुनावी कसरत शुरू कर दी है। पिछले लोकसभा के चुनाव में जिन सीटों पर भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा था, वहां पार्टी का अधिक फोकस है। पूर्वांचल की अहम सीटों में शुमार गाजीपुर, जौनपुर व घोसी लोकसभा में भगवा सियासत को धार देने की जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री अन्नपूर्णा देवी को सौंपी गई है। फिलहाल तीनों सीटें बसपा के पास है।

पिछला दो चुनाव भाजपा के लिए गाजीपुर ऊसर रहा है। लोकसभा के तत्कालीन रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा विकास कराने के बावजूद हार गए। यहीं हाल बीते विधानसभा चुनाव में रहा। जनपद की सातों सीटों पर सपा-सुभासपा गठबंधन ने जीत हासिल की थी। सपा ने पांच और सुभासपा ने दो सीटों पर जीत का झंडा फहरा दिया। पहले 2019 के लोकसभा चुनाव फिर 2022 के विधानसभा चुनाव भाजपा की हार ने हाईकमान के माथे पर पसीना ला दिया है। हाईकमान को वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव की चिंता सताने लगी है। इसको देखते हुए भाजपा हाईकमान ने केंद्रीय राज्यमंत्री अन्नपूर्णा देवी को विशेष रूप से गाजीपुर, जौनपुर व घोसी लोकसभा क्षेत्र में भगवा सियासत को मजबूत करने के लिए लगाया है।

गाजीपुर से बसपा के अफजाल अंसारी, जौनपुर से श्याम सिंह यादव व घोसी से अतुल राय सांसद हैं। इस समय अतुल राय जेल में बंद हैं। केंद्रीय राज्यमंत्री प्रत्येक माह में एक बार यहां का दौरा करेंगी। झारखंड से सांसद अन्नपूर्णा देवी की तीनों सीटों की जिम्मेदारी संगठन के नजरिये से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चार बार विधायक व मंत्री रह चुकीं अन्नपूर्णा देवी के राजनीतिक अनुभव का लाभ पार्टी लोकसभा चुनाव में लेना चाहती है। वह संगठनात्मक ढांचा मजबूत करने के साथ ही केंद्र व प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की धरातल पर हकीकत को जांचेंगी।

जून के दूसरे सप्ताह में केंद्रीय मंत्री ने जिले का दौरा कर कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। भाजपा जिलाध्यक्ष भानु प्रकाश सिंह का कहना है कि हाईकमान ने केंद्रीय मंत्री को जिले की जिम्मेदारी सौंपी है। वह प्रत्येक माह में एक बार जिले में प्रवास करेंगी। उनके साथ प्रदेश के एक मंत्री भी रहेंगे।

Edited By: Saurabh Chakravarty