वाराणसी, जेएनएन। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट को लेकर लगभग ढाई घंटे के भाषण के बाद काशी के उद्यमियों ने प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आइआइए) की ओर से कैंटोमेंट स्थित एक होटल में आयोजित परिचर्चा एवं विश्लेषण कार्यक्रम में वभिन्न औद्योगिक, व्यापारिक संगठनों, आयकर, जीएसटी के अधिकारियों के साथ ही तमाम अर्थशास्त्री, उद्यमी, व्यापारी व चार्टर्ड अकाउंटेंट ने अपनी राय रखी। उद्यमियों ने कहा कि इस बार का बजट बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता है, बल्कि निराशा ही हाथ लगी। एमएसएमई सेक्टर को लेकर सरकार से जितनी अपेक्षा थी उनता नहीं मिला। हालांकि उद्यमियों की इस निराशा को लेडी सीए यमुना शुक्ला ने दूर किया। वहीं आयकर प्रधान आयुक्त सुनील माथुर ने बजट की गुत्थी सुलझाते हुए खूबियों को बताया।

माथुर ने कहा, अगर इस बार के बजट को एक शब्द में कहा जाए तो यह रिस्पॉन्सिव यानी उत्तरदायी बजट है। उन्होंने कहा कि बजट के पहले ही उनके स्तर पर सभी की डिमांड सुनी गई थी। सरकार ने भी सुनी थी, जिसके बाद ही निर्णय लिया गया है। कुल मिलाकर यह बजट सभी वर्गों के लिए बेहतर साबित होगा। व्यक्तिगत टैक्स में भी काफी राहत प्रदान की गई है। आयकर दाता को काफी लाभ मिलेगा। डिबिडेंट डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स के खत्म करने से भी सीधे उद्यमियों को लाभ मिलेगा।

'विवाद से विश्वास की ओर के फैसले का अधिकारियों के साथ ही सभी उद्यमियों एवं व्यापारियों ने भी पूरजोर स्वागत किया। कहा कि इससे आयकर प्रधान आयुक्त ने कहा कि इस फैसले से करोड़ों व्यापारियों को लाभ मिलेगा। वे मात्र टैक्स देकर ही अपने विवाद को सुलझा सकते हैं। इस फैसले के बाद व्यापारी पेनाल्टी से बच सकते हैं। आइआइए के राजेश भाटिया ने कहा कि इस बजट से तो निराशा ही हाथ लगी है। हालांकि दीपक बजाज ने बजट को विकास वाला बताया। इस कार्यक्रम में स्माल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, रामनगर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन, ऑल इंडिया फेडरेशन आफ टैक्स प्रैक्टिसनर्स, इनकम टैक्स बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि व प्रमुख उद्यमी मौजूद रहे।

Posted By: Saurabh Chakravarty

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