वाराणसी, जागरण संवाददाता। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन की पहली सौगात बनारस को गंभीर रोगियों को दर्द से निजात के रूप में मिलने जा रही है। बनारस में ही पीएम के हाथों 25 अक्टूबर को लांच इस राष्ट्रीय योजना के तहत बीएचयू आइएमएस में 150 बेड की सीसीयू (क्रिटिकल केयर यूनिट) खुलने जा रही है। पूर्वांचल ही नहीं चार प्रांतों के रोगियों की चिकित्सा उम्मीद के केंद्र में इसकी स्थापना के लिए सीएमओ कार्यालय की ओर से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को प्रस्ताव भेजा गया था। इसे स्वीकारते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्थापना संबंधी प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

बीएचयू अस्पताल में इलाज के लिए पूर्वांचल के साथ ही बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ व पश्चिम बंगाल के लाखों मरीज आते हैं। इसके बाद भी इतने महत्वपूर्ण संस्थान में महज सीसीयू के 14 बेड होने से जीवन रक्षा के लिहाज से मूल्यवान समय निजी अस्पतालों की भागदौड़ में गंवाते हैं। यही नहीं पूर्वांचल के एम्स कहे जाने वाले आइएमएस के सर सुंदरलाल अस्पताल में मात्र 16 बेड का ही आइसीयू है, जबकि यहां पर 1920 दशक में ही चिकित्सा सेवा शुरू हो गई थी। हालांकि पीएम मोदी की पहल पर ही बीएचयू में शताब्दी सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक बन कर तैयार है जिसमें 75 बेड का आइसीयू भी जल्द मरीजों को सेवा देने लगेगा। कोरोना की पहली व दूसरी लहर में इसका उपयोग भी किया जा चुका है। एसएस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. केके गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत 150 बेड की सीसीयू मिलने से मरीजों के हित में बहुत बड़ी राहत मिलेगी। सीएमओ डा. राहुल सिंह ने बताया कि मंत्रालय की ओर से बीएचयू में 150 बेड के सीसीयू के लिए प्रस्ताव मांगा था। जल्द ही यह मूर्त रूप लेगा। \\B

ब्लाकवार भी बनेंगे सीसीयू : मिशन के तहत हर ब्लाक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी सीसीयू बनाया जाएगा। इसके लिए पहले ही स्वीकृति दी जा चुकी है। मंडलीय अस्पताल में प्रस्तावित सीसीयू खारिज कर बीएचयू को दिया गया है ताकि उपलब्ध संसाधनों से समुचित चिकित्सा व्यवस्था शुरू की जा सके।

Edited By: Abhishek Sharma