48 घंटे में आचार्य डिग्री को मिले पीजीटी आवेदन में मान्यता, राज्यव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की आचार्य डिग्री को पीजीटी आवेदन में एमए संस्कृत के समकक्ष मान्यता न मिलने पर संस्कृत संरक्षण ...और पढ़ें

आचार्य डिग्री को पीजीटी आवेदन में मान्यता न मिलने पर संस्कृत विश्वविद्यालय में रोष। (AI Image)
HighLights
आचार्य डिग्री को पीजीटी आवेदन में मान्यता न मिलने पर विरोध।
संस्कृत संरक्षण मंच ने 48 घंटे में मान्यता देने की मांग की।
मांग पूरी न होने पर राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी गई।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की आचार्य डिग्री को उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग की प्रवक्ता (पीजीटी) परीक्षा के आवेदन में एमए संस्कृत के समकक्ष मान्यता नहीं दिए जाने के विरोध में रविवार को संस्कृत संरक्षण मंच के बैनर तले बैठक हुई।
अध्यक्षता पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष डा. अखिलेंद्र त्रिपाठी ने की। वक्ताओं ने कहा कि आयोग ने आवेदन पोर्टल से संस्कृत विश्वविद्यालय का नाम हटा दिया है। इससे विश्वविद्यालय की डिग्रीधारी अभ्यर्थियों में रोष है। तय किया गया कि कुलपति के माध्यम से चयन आयोग, उच्च शिक्षा आयोग, राज्यपाल सचिवालय और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर समस्या के समाधान की मांग की जाएगी।
साथ ही आयोग से 48 घंटे में आचार्य डिग्री को आवेदन के लिए मान्य करने की मांग की गई। समाधान नहीं होने पर संस्कृत विश्वविद्यालय से राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई। बैठक में डा. गणेश गिरि, डा. शिशिर उपाध्याय, डा. प्रदीप पांडेय, अमित तिवारी, सुधीर पांडेय समेत अन्य छात्र नेता मौजूद थे।
