वाराणसी, जेएनएन। भारतीय शिक्षण मंडल कि ओर से शनिवार को राज्यमंत्री डा. जितेन्द्र सिंह का फेसबुक लाइव के जरिए व्याख्यान आयोजित किया गया। इस अवसर पर अनुच्छेद 370 हटने के बाद का कश्मीर विषय पर विचार रखते हुए डा. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अपने ही देश में शरणार्थी बनने को मजबूर हुए कश्मीरी पंडितों के जीवन में जल्द ही नया उजाला आने वाला है। घाटी में चल रहा आतंकवाद अब अनुच्छेद 370 हटने के बाद अंतिम सांसें गिन रहा है। आतंकी वारदातें थमने के बाद जल्द ही राज्य में सुरक्षा के माहौल में इजाफा होगा। केंद्रीय मंत्री ने भरोसा जताया कि कश्मीर में स्थिति जल्द सामान्य होगी और ऐसा होते ही काश्मीरी पंडितों की घर वापसी सुनिश्चित होगी।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित चिकित्सा विज्ञान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं भारतीय शिक्षण मंडल काशी प्रांत के मंत्री डा. संतोष कुमार सिंह ने केंद्रीय मंत्री से प्रश्न किया कि जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख की संस्कृति एवं पर्यावरण ही उनके समृद्धि का आधार थी, जो कि आज दोनों लगभग विलुप्तप्राय होती दिख रही हैं। इनको पुन: स्थापित करना अत्यंत आवश्यक है। इस पर सरकार की क्या सोच है? इस पर केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि कश्मीरी संस्कृति का क्षरण सुनियोजित तरीके से किया गया। पूरी कश्मीरियत को आने वाली पीढ़ी फिर से प्राप्त करेगी। जिन्हेंं पर्यावरण के सुरक्षा की जिम्मेदारी थी वही लोग प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करने लगे। जिसे फिर से संरक्षित किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने भरोसा जताया कि नॉर्थ इस्ट कि तर्ज पर ही कश्मीर का विकास होगा। बीते कुछ सालो में जिस तरह से पूर्वोत्तर भारत को लाभ मिला, उसी तरह से कश्मीर और लद्दाख भी लाभान्वित होगा। संचालन अरुण आनंद ने किया।

Posted By: Saurabh Chakravarty

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