वाराणसी : यूजीसी की ओर से देशभर में संचालित हो रहे चौबीस अलग अलग विश्वविद्यालयों को फर्जी घोषित किया गया है। इसमें वाराणसेय संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी भी शामिल है। हालाकि इस नाम की कोई भी संस्था जनपद में नहीं हैं। अस्तित्व न होने के बावजूद यूजीसी द्वारा जारी फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची में वाराणसेय संस्कृत विश्वविद्यालय भी शामिल है।

दरअसल संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय को वर्ष 1958 में राज्य विश्वविद्यालय का दर्जा मिला। उस समय संस्कृत विश्वविद्यालय का नाम वाराणसेय संस्कृत विश्वविद्यालय था। वर्ष 1974 में इसका नाम बदल कर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय कर दिया। वर्ष 1974 से विश्वविद्यालय एक्ट में भी नाम इसका नाम परिवर्तित किया जा चुका है। ऐसे में अब बनारस में वाराणसेय संस्कृत विश्वविद्यालय नाम की कोई संस्था संचालित नहीं होती है। बावजूद जालसाज अब भी वाराणसेय संस्कृत विश्वविद्यालय के नाम पर अंकपत्र व प्रमाणपत्र जारी कर रहे हैं। बीच-बीच में वाराणसेय संस्कृत विश्वविद्यालय के नाम से जारी अंकपत्रों का सत्यापन भी संस्कृत विश्वविद्यालय में आते रहते हैं। इसे देखते हुए यूजीसी समय-समय पर जारी होने वाले फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची में वाराणसेय संस्कृत विश्वविद्यालय का नाम भी शामिल करती है ताकि लोगों को फर्जी संस्था के बारे में आगाह किया जा सके।

यूजीसी की ओर से इस बाबत सूचना जारी कर संबंधित संस्थान के अस्तित्व खत्म होने की जानकारी साझा की गई है। जबकि इस दौरान यूजीसी ने देशभर में चल रहे चौबीस विश्वविद्यालयों की सूची जारी कर छात्रों व अभिभावकों को आगाह किया है कि वो ऐसे संस्थानों में प्रवेश से बचें और जालसाजी से खुद के भविष्य को बचाए रखें।

Posted By: Jagran

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