वाराणसी, जेएनएन। कोरोना महामारी से रूकी अर्थ व्यवस्था को चलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 20 लाख करोड़ आॢथक पैकेज की घोषणा के बाद उद्योग एवं व्यापार के लिए तीन लाख करोड़ रुपये की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन योजना की लांचिंग वेबिनार के द्वारा वाराणसी से हुई। इसका पायलट प्रोजेक्ट पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र से शुरू किया जा रहा है, जो प्रदेश के लिए लागू होगा। योजना के तहत जिले के 22057 एमएसएमई एवं मुद्रा खाता धारकों को लाभ मिलेगा। उम्मीद है यहां पर इस सेक्टर को 425 करोड़ लोन के रूप में मिले।

 बेविनार में राज्य स्तरीय बैंकर समिति के मुख्य महाप्रबंधक रामजस यादव, यूनियन बैंक आफ इंडिया अंचल कार्यालय के महाप्रबंधक जगमोहन सिंह, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी, राजेश भाटिया, नीरज पारिख, यूबीआइ के उप महाप्रबंधक विकास सिन्हा, अग्रणी जिला प्रबंधक मिथिलेश कुमार आदि शामिल थे।

100 करोड़ तक टर्नओवर वाले को भी मिलेगा लाभ

यूबीआइ महाप्रबंधक जगमोहन सिंह ने कहा कि 29 फरवरी 2020 तक के बकाया एमएसएमई व मुद्रा ऋण जिनका 25 करोड़ एवं वाॢषक टर्नओवर 100 करोड़ तक होगा उन्हेंं इस योजना का लाभ मिलेगा। बकाया राशि का 20 फीसद तक ऋण वाले इस योजना से लाभान्वित होंगे। ऋण चुकाने की अवधि चार वर्ष रहेगी, जिसमें 12 माह का ऋण स्थगन अवधि दी जाएगी। हालांकि योजना के तहत ऋण खाता स्टैंडर्ड होने एवं एनपीए योग्य नहीं होने चाहिए।

पटरी पर आएगी एमएसएमई की गाड़ी  

आइआए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी ने बताया कि तीन लाख करोड़ की योजना सुस्त अर्थ व्यवस्था में जान फूंकने का काम करेगी। इससे एमएसएमई की गाड़ी पटरी पर आ जाएगी। खुशी की बात यह कि योजना के तहत मात्र 7.5 फीसद ब्याज पर ही लोन मिले जाएगा। बताया कि जिले में चार हजार से अधिक एमएसएमई इकाइयां हैं। इसमें से पात्र करीब दो हजार उद्यमियों को लाभ मिलेगा। पहले वेबिनार में यूबीआइ स्टाफ ट्रेनिंग सेंटर बंगलुरु द्वारा सभी शाखा प्रबंधकों को वेब ट्रेनिंग दी गई। एलडीएम मिथिलेश ने बताया कि जिले के सभी बैंक खातों को आवंटित 22057 एमएसएमई व मुद्रा खातों धारकों को लाभ मिलेगा।

30 जून तक करना है सभी पात्रों को संतृप्त

सभी बैंकों के शाखा प्रबंधकों को लक्ष्य दिया गया है कि 30 जून तक हर हाल में पात्र कारोबायिों को इस योजना के तहत संतृत्प कर दिया जाएगा। इस दौरान सभी से स्वीकृत पत्र भी भरवाना है। अगर कोई उद्यमी या व्यापारी लोन नहीं लेना चाहता है तो उसे अस्वीकृति का पत्र देना होगा।

देश में 50 फीसदी से ज्यादा कंपनियों के कामकाज पर कोरोना वायरस का असर हुआ : फिक्की

इंडस्ट्री बॉडी फिक्की द्वारा हाल ही में किए गए एक सर्वे के मुताबिक देश में 50 फीसदी से ज्यादा कंपनियों के कामकाज पर कोरोना वायरस का असर हुआ है। इसमें कहा गया है कि लगभग 80 फीसदी बिजनेस ने इस वैश्विक महामारी की वजह से अपने कैश फ्लो में गिरावट देखी है।

Posted By: Saurabh Chakravarty

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