जागरण संवाददाता, आजमगढ़ : शहर में रविवार की सुबह प्रार्थना सभा के बहाने मतांतरण कराने का मामला सामने आया है। बवाली मोड़ के समीप एक मकान में बनाए गए चर्च में सुबह प्रार्थना सभा के बहाने बुलाए गए लोगों के मतांतरण कराने की शिकायत हिंदू संगठनों ने पुलिस से की, तो बताए गए स्थान पर छापेमारी की गई। इस दौरान वहां अफरातफरी मच गई। प्रार्थना सभा में शामिल लोगों ने पुलिस का विरोध किया, लेकिन किसी की एक न चली। इस कार्रवाई का विरोध करने वाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए बेहता गांव के विजय कुमार व हरबंशपुर के रौशी से शहर कोतवाली पुलिस पूछताछ कर रही थी।

सराय मंदराज गांव के जित्तू सोनकर ने तहरीर में आरोप लगाया है कि मतांतरण की सूचना पर वहां पहंंचे तो काफी संख्या में महिलाएं व पुरुष मौजूद मिले। प्रार्थना सभा के दौरान मतांतरण का प्रयास किया जा रहा था और हिंदू देवी-देवताओं के बारे में अनर्गल बातें कही जा रही थीं। विरोध करने पर मुझे भी लालच देकर मत परिवर्तन की सलाह दी गई। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां पर काफी दिनों से घर में लोगों को जुटाकर इस प्रकार का आयोजन होता रहता है।

डीह कैथौली गांव में मतांतरण कराने पहुंचे तीन लोग हिरासत में

इस पूर्व भी दिसंबर माह में दीदारगंज क्षेत्र के डीह कैथौली गांव में मतांतरण कराने पहुंचे तीन लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। इस मामले मे देर शाम मुकदमा दर्ज करने की तैयारी चल रही थी। गांव निवासी भाजपा नेता अशोक कुमार ने इस मामले में तहरीर दी है। थाने में दी गई तहरीर में अशोक ने कहा है कि कई दिनों से एक घर में तीन लोग रुके थे और वहां लोगों को लोभ देकर मतांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा था। सूचना पर वह वहां पहुंचे तो उनसे भी प्रार्थना करने के लिए कहा गया। मना करने पर दु‌र्व्यवहार किया गया। शोर मचाने पर लोग भागने लगे तो ग्रामीणों की मदद से तीन लोगों को पकड़कर पुलिस को सूचना दी गई। मौके से धार्मिक दस्तावेज भी बरामद किए गए। इस बाबत प्रभारी निरीक्षक संजय ने बताया कि पकड़े गए लोगों में तीन लोग वाराणसी, जौनपुर और आजमगढ़ के निवासी हैं। सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Saurabh Chakravarty