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नमो घाट पर सीएनजी नावों की आई शामत, तीन साल पर जिन सिलेंडरों की हाइड्रो टेस्टिंग नहीं, उनमें नहीं भरी जाएगी सीएनजी

By Shivam SinghEdited By: Abhishek sharma
Published: Tue, 13 Oct 2026 06:34 PM (IST)

नमो घाट पर चलने वाली सीएनजी नावों के सिलेंडरों की तीन साल बाद हाइड्रो टेस्टिंग अनिवार्य कर दी गई है। ...और पढ़ें

नमो घाट पर सीएनजी नावों के लिए नया नियम: सिलेंडर हाइड्रो टेस्टिंग अनिवार्य।

नमो घाट पर सीएनजी नावों के लिए नया नियम: सिलेंडर हाइड्रो टेस्टिंग अनिवार्य।

HighLights

  1. नमो घाट सीएनजी नाव सिलेंडरों की हाइड्रो टेस्टिंग अनिवार्य।

  2. तीन साल बाद बिना टेस्टिंग सीएनजी नहीं मिलेगी।

  3. गेल वाराणसी ने सुरक्षा के लिए नियम लागू किया।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। नमो घाट पर चलने वाली सीएनजी नावों के सिलेंडरों की हाइड्रो टेस्टिंग अब अनिवार्य कर दी गई है। तीन साल पूरे होने के बाद जिन सिलेंडरों की हाइड्रो टेस्टिंग नहीं होगी, उनमें सीएनजी नहीं भरी जाएगी। गैस अथारिटी आफ इंडिया लिमिटेड (गेल) वाराणसी ने इस नियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया है।

अब आम नाव मालिकों और चालकों तक यह संदेश पहुंचाने के लिए पब्लिक नोटिस जारी करने की तैयारी है। गंगा में कुल करीब 1500 नावें चलती हैं, जिनमें सीएनजी चालित नावें लगभग 800 हैं। नमो घाट गंगा नदी पर पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण घाट है।

यहां कई सीएनजी चालित नावें संचालित होती हैं। सुरक्षा मानकों का पालन न होने पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। गेल अधिकारियों का मानना है कि हाइड्रो टेस्टिंग से सिलेंडर की मजबूती और सुरक्षा की जांच होती है, जिससे दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

नाव मालिकों से अपील की है कि वे समय पर अपने सिलेंडरों की हाइड्रो टेस्टिंग करा लें और वैध प्रमाण पत्र साथ रखें। नियम का उल्लंघन करने पर सीएनजी भरने से मनाही के अलावा अन्य कार्रवाई भी हो सकती है। नाव संचालकों को सलाह दी जा रही है कि वे निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें ताकि घाट पर सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहें और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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-देवाशीष साहू, वरिष्ठ अधिकारी मार्केटिंग, गेल वाराणसी।