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काशी में गांधी जयंती पर गंगा आरती और घाट सफाई कर बापू और शास्त्री को दी गई श्रद्धांजलि

By Pradyuman Pandey RamuEdited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 02 Oct 2026 12:37 PM (IST)

वाराणसी में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर नमामि गंगे ने गंगा आरती कर श्रद्धांजलि दी। इस ...और पढ़ें

वाराणसी में गांधी शास्त्री जयंती पर नमामी गंगे ने गंगा आरती और स्वच्छता अभियान चलाया।

वाराणसी में गांधी शास्त्री जयंती पर नमामी गंगे ने गंगा आरती और स्वच्छता अभियान चलाया।

HighLights

  1. महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी गई।

  2. नमामि गंगे ने वाराणसी में गंगा आरती का आयोजन किया।

  3. गंगा घाटों की सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया गया।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर नमामि गंगे ने वैश्विक शांति की कामना के साथ माँ गंगा की आरती उतारकर दोनों महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर गंगा तट पर घाट की सफाई कर स्वच्छता को बापू के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया गया। यह अभियान नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के नेतृत्व में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में तिरंगे और बापू-शास्त्री जी की तस्वीर के साथ आरती की गई और स्वच्छता के महत्व को उजागर करते हुए सेवा का संदेश दिया गया। राजेश शुक्ला ने कहा कि स्वच्छता बापू का प्रमुख सिद्धांत था और यही सबसे सुंदर श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि सत्य, अहिंसा और प्रेम उनके जीवन का मूल मंत्र है। वहीं, शास्त्री जी का संदेश सादगी, ईमानदारी और "जय जवान-जय किसान" के माध्यम से आत्मनिर्भरता का था।

इस आयोजन में सुभाष श्रीवास्तव, प्रमोद पाण्डेय, लल्लन पाण्डेय, महेंद्र तिवारी सहित सैकड़ों नागरिकों ने भाग लिया। सभी ने मिलकर गंगा तट की सफाई की और स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल गंगा की स्वच्छता को बढ़ावा मिलता है, बल्कि यह महापुरुषों के विचारों को भी जीवित रखने का एक माध्यम है।

गंगा आरती के दौरान उपस्थित नागरिकों ने गंगा की महिमा का गुणगान किया और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। इस प्रकार के कार्यक्रमों से समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ती है और लोग अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित होते हैं।

नमामि गंगे का यह प्रयास न केवल गंगा नदी की सफाई के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह गांधी और शास्त्री के विचारों को भी आगे बढ़ाने का कार्य करता है। इस प्रकार के आयोजनों से नई पीढ़ी को भी इन महापुरुषों के सिद्धांतों से अवगत कराने का अवसर मिलता है।