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वाराणसी से अमृतसर के ल‍िए गुरु रविदास के नाम से चलेगी ट्रेन, जान लें गाड़ी का नंबर, समय और ठहराव वाले स्‍टेशन

By Anoop AgrahariEdited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 10 Jul 2026 04:35 PM (IST)

रेलवे बोर्ड ने छेहरटा (अमृतसर) से वाराणसी के लिए गुरु रविदास जी के नाम पर एक नई ट्रेन (14623/14624) को ...और पढ़ें

गुरु रविदास एक्सप्रेस: छेहरटा-वाराणसी नई ट्रेन का नंबर समय और ठहराव जानें।

गुरु रविदास एक्सप्रेस: छेहरटा-वाराणसी नई ट्रेन का नंबर समय और ठहराव जानें।

HighLights

  1. छेहरटा (अमृतसर) से वाराणसी के लिए नई ट्रेन स्वीकृत।

  2. गुरु रविदास जी के नाम पर होगा ट्रेन का नाम।

  3. यात्रा सुविधा और धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। बनारस के ह‍िस्‍से में एक और ट्रेन पंजाब से शुरू करने की जानकारी कन्‍फर्म हो चुकी है। रेलवे बोर्ड ने छेहरटा (अमृतसर) से वाराणसी के लिए एक नई ट्रेन की स्वीकृति प्रदान की है, जिसका नाम गुरु रविदास जी के नाम पर रखा जाएगा।

यह ट्रेन, ट्रेन नंबर 14623/14624, दोपहर 2.05 बजे छेहरटा (अमृतसर) से रवाना होगी और वापसी में शाम 5.10 बजे पहुंचेगी। अमृतसर में यह ट्रेन 2.25 बजे आएगी और पांच मिनट के ठहराव के बाद आगे बढ़ जाएगी। वापसी में, यह ट्रेन 4.35 बजे अमृतसर पहुंचेगी।

लखनऊ में यह ट्रेन सुबह 7.25 बजे पहुंचेगी और वापसी में रात 12.10 बजे लखनऊ से चलेगी। वाराणसी में यह ट्रेन दोपहर 12.15 बजे पहुंचेगी और वाराणसी से 7.50 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन बुधवार, शुक्रवार और रविवार को छेहरटा से रवाना होगी, जबकि गुरुवार, शनिवार और सोमवार को यह वाराणसी से चलेगी।

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इस ट्रेन के मार्ग में अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, अंबाला कैंट, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, सुलतानपुर और जौनपुर सिटी में कामर्शियल ठहराव प्रस्तावित है। ट्रेन में 2 एलएचबी रैक की बोगियां शामिल होंगी, जो यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेंगी।

इस नई ट्रेन के संचालन से यात्रियों को यात्रा में सुविधा मिलेगी और यह अमृतसर और वाराणसी के बीच यात्रा को और अधिक सुगम बनाएगी। रेलवे द्वारा इस सेवा की शुरुआत से क्षेत्र के लोगों को लाभ होगा और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

गुरु रविदास जी के नाम पर ट्रेन का नामकरण इस बात का प्रतीक है कि पंजाब और काशी से इसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को रेलवे ने ध्यान में रखा है। यह ट्रेन न केवल यात्रा की सुविधा प्रदान करेगी, बल्कि यात्रियों को गुरु रविदास जी की शिक्षाओं और उनके योगदान के प्रति भी जागरूक करेगी। छेहरटा से वाराणसी के बीच नई ट्रेन का संचालन एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल यात्रा को सुगम बनाएगा, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को भी मजबूत करेगा।