वाराणसी, जेएनएन। बनारस शहर की कई खबरों ने सोमवार को चर्चा बटोरी जिनमें सक्रिय मामले पांच हजार तक पहुंचे, अरब सागर से उठे तूफान ने दिखाई सक्रियता, वन विभाग लगाएगा 10 फीट लंबे पौधे, युवा गांव में कर रहे सैनिटाइजेशन, बैंकों का ब्याज माफ करने की मांग आदि प्रमुख खबरें रहीं। जानिए शाम छह बजे तक की शहर-ए-बनारस की पांच प्रमुख और चर्चित खबरें।

CoronaVirus in Varanasi : सक्रिय मामले पांच हजार तक पहुंचे, सोमवार सुबह मात्र 176 मामले ही सामने आए

जिले में आखिरकार कोरोना संक्रमण के बढ़ रहे नए मामलों में मई माह के दूसरे पखवारे में व्‍यापक स्‍तर पर गिरावट आने लगी है। संक्रमण के मामले जहां रोजाना दो हजार के ऊपर हो चुके थे वह अब पांच सौ के भी नीचे आ चुका है। ठीक होने की गति भी सुधरी है और रोजाना आठ सौ के करीब लोग लगातार इस बीमारी से उबर रहे हैं। सोमवार को 4845 सैंपलों के सापेक्ष मात्र 176 ही संक्रमण के मामले सामने आए हैं। माह भर में संक्रमण का यह सबसे कम मामला भी है। वहीं 693 लोगों की अब तक इस बीमारी से मौत हो चुकी है, इस लिहाज से एक या दो दिन में मृतकों का आंकड़ा सात सौ पार कर जाएगा। वहीं ठीक होने वालों की बेहतर स्थिति की बदौलत अब मात्र 5486 सक्रिय मामले ही जिले में शेष हैं। जबकि 71670 लोग कोरोना को हराकर अब तक ठीक हो चुके हैं जबकि 77849 लोग इस बीमारी के अब तक चपेट में आ चुके हैं।

Varanasi City Weather Update : अरब सागर से उठे तूफान ने दिखाई सक्रियता, गर्मी के बाद गिरा पारा

पूर्वांचल में मौसम का रुख बदला हुआ है, दो दिनों तक तापमान में उबाल के बाद अब दोबारा बादलों की सक्रियता हो गई है। अरब सागर से उठे ताउ ते तूफान की वजह से पूर्वांचल ही नहीं समूचे उत्‍तर प्रदेश में बादलों की सक्रियता बनी हुई है। अरब सागर से उठे तूफान ने पूर्वांचल में जहां गर्मी से राहत दी है वहीं सघन बादलों के उत्‍तर की ओर लगातार बढ़ते रहने से आने वाले दो तीन दिनों में बारिश की भी आशंका बढ़ गई है। बादलों का बनना जारी रहा तो उत्‍तरी भारत में बादल जोरदार बारिश करा सकते हैं। हालांकि, समुद्र से मैदान की ओर आने पर बादलों की सक्रियता काफी कम हो गई है। सोमवार की सुबह आसमान बादलों से भरा रहा, पूर्वांचल के कुछ जिलों में बूंदाबांदी से लेकर बारिश तक दर्ज की गई है। सुबह ठंडी हवाओं की कैद में वातावरण बना रहा। मौसम विज्ञानी मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में मौसम का रुख भी एक दो दिनों तक ऐसा ही बना रहेगा। इसके बाद बादलों की सक्रियता कम होती जाएगी।

वरुणा कॉरिडोर में वन विभाग लगाएगा 10 फीट लंबे पौधे, पानी में डूबने पर नहीं होगा नष्ट

वरुणा कॉरिडोर के किनारे वन विभाग ऐसे पौधे लगाएगा जो बारिश में डूबने के बाद भी जल्द खराब नहीं होगा। पौधों की लंबाई कम से कम 10 फीट होगी। वन विभाग ऐसेे पौधों का चयन करने के साथ पहले चरण में एक हजार पौधारोपण करेगा। प्रयोग सफल रहा तो अगले साल विस्तार से पौधारोपण करेगा। वन विभाग ने नगर निगम से पत्राचार कर सहमति मांगी है। वहीं, सिंचाई विभाग से भी पत्राचार करेगा। वरुणा कॉरिडोर के किनारे पहले काफी संख्या में पेड़-पौधे थे। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 201 करोड़ रुपये स्वीकृत करते हुए वरुणा कॉरिडोर बनाने का निर्देश दिया। इसके चलते काफी संख्या में हरे पेड़-पौधों की कटाई की गई। सपा सरकार रहते हुए तेजी से काम हुए लेकिन सत्ता परिवर्तन होते ही योजना ठंडे बस्ते में चली गई। बाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरुणा कॉरिडोर के निर्माण कार्य तेजी से करने को कहा लेकिन अफसरों की लापरवाही के चलते काम आगे नहीं बढ़ सका।

पीएम के गोद लिए गांव नागेपुर के युवा गांव में कर रहे सैनिटाइजेशन, अभियान से लोग हो रहे प्रेरित

कोरोना से जंग लड़ने हेतु प्रधानमंत्री के सांसद आदर्श गांव नागेपुर के युवांओं ने अनोखी पहल शुरू की हैं। कोरोना संक्रमण को बढ़ने से रोक ग्रामीणो की सुरक्षा की खातिर युवाओं ने सोमवार को पीठ पर स्प्रे मशीन बांधकर मिर्जामुराद थाना समेत कस्बा में दुकानों व घरों को सैनिटाइज किया। लोक समिति से जुड़े युवांओ ने नागेपुर गांव से इस काम की शुरुआत की हैं। अभियान के चौथे दिन सोमवार को युवांओ की टीम मिर्जामुराद थाना समेत कस्बा को सैनिटाइज करने का काम किया। इस कार्य हेतु युवांओ की अलग-अलग टीमें बनी हैं। टीम के सदस्य गांव की गलियों, बस स्टैंड, बाजार एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों को सैनिटाइज कर रहे हैं, ताकि कोरोना वायरस से ग्रामीणो को सुरक्षित बचाया जा सके। इतना ही युवाओं द्वारा ग्रामीणो की मास्क, दवा व कोरोना से बचने हेतु पर्चे भी बांटे जा रहे। युवाओं ने हर रोज एक गांव को सैनिटाइज करने का निर्णय लिया है।

वाराणसी में व्यापारियों ने उठाई कोरोना अवधि में बैंकों का ब्याज माफ करने की मांग

अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की आनलाइन बैठक सोमवार को हुई। इसमें महानगर अध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि केंद्र सरकार कोरोना अवधि में बैंकों का ब्याज माफ करे। साथ ही जीएसटी में छूट एवं रिटर्न की तारीख को कम से कम एक महीना और बढ़ाने की मांग की। राकेश जैन ने कहा कि इस साल कई व्यापारिक संगठनों ने स्वत: ही बंदी कर कोरोना की चेन तोड़ने में पहल की। उनकी यह पहल सराहनीय है। ऐसे व्यापारियों ने भामाशाह की भूमिका निभाई है और उन्हें भामाशाह पुरस्कार से सम्मानित किया जाना चाहिए। लंका व्यापार मंडल के महामंत्री राम भरत ओझा ने कहा कि व्यापारियों की मांग न्यायोचित हैं, जिस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। सिगरा रथयात्रा व्यापार मंडल के सरंक्षण नारायण डीके ने कहा की वयापारी पिछले साल कोरोना अवधि से ही पूरी ईमानदारी से अपने कर्तव्य निभा रहे हैं। 

Edited By: Abhishek Sharma

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