वाराणसी, इंटरनेट डेस्‍क। बनारस शहर की कई खबरों ने बुधवार को चर्चा बटोरीं जिनमें मतदाता सूची का प्रकाशन, प्रतिबंधित मांझा का दुष्परिणाम, युवाओं को जोड़ेगा बीएचयू, भाजपा का घोषणा पत्र, चढ़ा पारा तो कोहरे ने उतारा आदि प्रमुख खबरें रहीं। जानिए शाम चार बजे तक की शहर-ए-बनारस की पांच प्रमुख और चर्चित खबरें।

वाराणसी में मतदाता सूची का प्रकाशन, आवेदन के बाद भी सूची में नहीं आए कई के नाम

पुनरीक्षण के बाद आयोग के निर्देश के क्रम में बुधवार को 11 बजे के करीब मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया। हालांकि बहुतायत बीएलओ को सूची नहीं मिल सकी वही जिन्हें मिली वे बूथ पर मतदाता सूची लेकर बैठे रहे। तमाम ऑनलाइन व्यवस्था के बाद भी शिकायतों में कमी नहीं आई। बीएलओ की कार्यप्रणाली पर भी लोगों ने जमकर अंगुली उठाई। बात यहीं खत्म नहीं हुई राजनीतिक दल भी कूद पड़े। नाम जानबूझकर काटने तक का आरोप भी लगाया। कुछ लोगो ने बताया कि घर के मृतक सदस्यों के नाम हटाने के लिए आवेदन किये थे कि नाम काट दिया जाए लेकिन नाम। नहीं कटे बल्कि जिनके नाम थे वही सूची में नहीं दिख रहे हैं। कछवारोड क्षेत्र में बूथों पर मतदाता सूची के साथ बीएलओ मौजूद रहीं। बीएलओ द्वारा मतदाताओं का नाम जोड़ने व मृतक का नाम हटाने का फार्म जमा करने के बाद भी अब तक सभी लोग सूची में स्थान नहीं पाए।

आर्य महिला पीजी कालेज की छात्राओं ने जाना प्रतिबंधित मांझा का दुष्परिणाम, जागरूक करने की ली शपथ

सामाजिक संस्था सुबह-ए- बनारस क्लब के तत्वावधान में बुधवार को चेतगंज स्थित आर्य महिला पीजी कालेज की छात्राओं ने संकल्प लिया कि वह अपने भाईयों से प्रतिबंधित मांझा का उपयोग नहीं करने की अपील करेगी। अध्यक्ष मुकेश जायसवाल, समाजसेवी डा. अशोक कुमार राय, आर्य महिला पीजी कालेज की प्रधानाचार्या प्रो. रचना दुबे, कोआर्डिनेटर डा. अन्नपूर्णा दीक्षित, महासचिव राजन सोनी, उपाध्यक्ष अनिल केशरी के नेतृत्व में लगातार लोगों का गला काटने के साथ ही पशु पक्षियों की जान लेने पर आमदा बाजार में बिक रहे प्रतिबंधित मंझे के बिक्री के खिलाफ जागरुकता अभियान चलाया। छात्राओं ने 'भइया मेरे याद रखना प्रतिबंधित मंझे का बहिष्कार करना' आदि नारों के साथ शपथ ली। वहीं पड़ोस के बच्चों को भी प्रतिबंधित मंझे के दुष्परिणामों के बारे जागरूक करने का भी वचन दिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि अदालत के आदेश के बावजूद प्रतिबंधित मंझे की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है।

महामना और पं. दीनदयाल उपाध्‍याय के विचारों से जम्मू-कश्मीर के युवाओं को जोड़ेगा बीएचयू

जम्मू-कश्मीर राज्य से अनुच्छेद 370 हटने के बाद राष्ट्रवादी विचारों के प्रसार की मुहिम शुरू हो गई है। अब वहां के युवाओं को राष्ट्र की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए काशी हिन्दू विश्वविद्यालय भी अहम भूमिका निभाने जा रहा है। विश्वविद्यालय वहां के युवाओं को महामना पं. मदन मोहन मालवीय और पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों से अवगत कराकर उन्हें उनसे जोड़ने का अभियान चलेगा। इसकी वजह से दोनों प्रदेशों में शिक्षा और महापुरुषों को लेकर समझ और भी बेहतर होने के साथ शिक्षा को लेकर भी युवाओं में उत्‍साह का संचार होगा। इसका मकसद युवाओं के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्‍ध कराना भी है। विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान संकाय स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय पीठ वहां कार्यक्रम का आयोजन कराएगी। पहले चरण में जम्मू-कश्मीर के राजभवन में महामना पं. मदन मोहन मालवीय के साथ पं. दीनदयाल उपाध्याय और राम राज्य पर आधारित 20 पुस्तकों का लार्कापण ‘जम्मू-कश्मीर चैप्टर’’ के रूप में आगामी 09 जनवरी को किया जायेगा।

प्रबुद्धजनों का सुझाव भाजपा के घोषणा पत्र को देगा आकार, वाराणसी में पार्टी पदाधिकारियों ने शुरू किया अभियान

भारत की एकता और अखण्डता को अपना वैचारिक अधिष्ठान मानने वाले दल के रूप भारतीय जनता पार्टी ने सदैव जनमानस के विचारों के आधार पर भारतीय लोकतंत्र को जीवंत करने का कार्य किया है। इसी क्रम में अपने घोषणा पत्र में काशी के प्रबुद्धजनों के विचारों व सुझावों को साझा करने के उद्देश्य से प्रदेश संगठन द्वारा घोषणा -पत्र निर्माण समिति का गठन किया गया है। वाराणसी महानगर में एके शर्मा ( सदस्य, विधान परिषद व प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा) इस सिलसिले में बुधवार को बनारस आ रहे हैं। सर्किट हाउस में शाम 4 बजे प्रबुद्धजनों से सादर अनुरोध किया गया है कि इस अति महत्वपूर्ण बैठक में अपने लिखित सुझावों के साथ समय से सहभागी हों। राष्ट्र की सेवा को संकल्पित हम सभी के ध्येय पथ को मजबूती प्रदान करें। भाजपा महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय ने कहा कि भाजपा शुरू से ही जनहित का पूरा ख्याल रखती रही है। यह पार्टी जनता के साथ है जनता के लिए हैं। इसलिए जब घोषणा पत्र को बनाने की बात आई तो जनता के सुझाव व विचारों को सर्वोपरि रखा गया है।

वाराणसी में धूप से चढ़ा पारा तो कोहरे ने उतारा, पूर्वांचल में बादल और बूंदाबांदी का रुख जल्‍द

पूर्वांचल में तापमान में लगातार उतार चढ़ाव का दौर जारी है। मंगलवार की आधी रात के बाद से ही कोहरा बढ़ना शुरू हुआ जो बुधवार को दिन चढ़ने तक जारी रहा। कोहरे की कैद में वातावरण पूरी तरह से रहने से सड़कों पर वाहन भी रेंगते हुए चल रहे थे। वातावरण में गलन का असर लगातार जारी रहने से सुबह लोग बिस्‍तर में या आंच सेंकते नजर आए। शरीर पर गर्म कपड़ों में और भी इजाफा होता जा रहा है। पश्चिमी विक्षोभ का असर कुछ घंटों में पूर्वांचल तक आने के बाद बादलों की सक्रियता भी होगी और बूंदाबांदी भी हो सकती है। माना जा रहा है कि पश्चिमी विक्षोभ के पीछे गलन भी शुरू हो जाएगा और वातावरण पूरी तरह से सर्द के असर में डूब जाएगा। बीते चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 22.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्‍य रहा। न्‍यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्‍य से दो डिग्री अधिक रहा। आर्द्रता इस दौरान अधिकतम 100 फीसद और न्‍यूनतम 67 फीसद दर्ज की गई।

Edited By: Abhishek Sharma