वाराणसी, इंटरनेट डेस्‍क। बनारस शहर की कई खबरों ने सोमवार को चर्चा बटोरीं जिनमें लापता कुलपति का पोस्‍टर, बाबा दरबार तक वाहन नहीं, भाजपा की जनविश्वास यात्रा, मांझा बहिष्‍कार शुरू, बोले डा. पृथ्‍वीश नाग आदि प्रमुख खबरें रहीं। जानिए शाम तीन बजे तक की शहर-ए-बनारस की पांच प्रमुख और चर्चित खबरें।

बीएचयू के नवनियुक्त कुलपति के खिलाफ कैंपस में लगाए 'लापता वीसी' के पोस्टर

बीएचयू परिसर एक बार फि‍र सियासी रूप से सक्रिय हो उठा है। बीएचयू के परिसर में अब लंबे समय से कुलपति की गैर मौजूदगी को लेकर छात्र संगठनों की ओर से आरोप प्रत्‍यारोप के साथ ही वीसी के खिलाफ गुमशुदगी और पोस्‍टर वार भी शुरू कर दिया गया है। परिसर में पूर्व में भी कुलपति के नियुक्ति के बाद भी पदभार ग्रहण न करने को लेकर भी तरह तरह की परिसर में चर्चा शुरू हो गई है। महामना की जयंती के मौके पर भी परिसर में कुलपति के मौजूद न रहने और आयोजनों को लेकर उनकी अरुचि को छात्र मुद्दा बना रहे हैं। एनएसयूआइ बीएचयू इकाई ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति प्रो. सुधीर के जैन के खिलाफ अभी से ही मोर्चा खोल दिया है। इकाई शुरू से ही प्रो. जैन पर आक्रामक दिखने के साथ ही सियासी रणनीति भी तैयार कर रही है। हालांकि, कुलपति ने पूर्व में ही स्पष्ट कर दिया है कि वे जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद पदभार ग्रहण करेंगे।

वाराणसी में बाबा काशी विश्‍वनाथ दरबार के गेट तक अब नहीं जाएंगे वीआइपी वाहन

सुबह हो या दोपहर। दिन बीता और शाम हो गई तो भी वीआइपी वाहनों का बाबा दरबार के गेट नंबर चार यानी बांसफाटक तक जाना बंद नहीं होता है। इससे आए दिन जाम लगने की समस्या बनी हुई है। यह पहले से नियम है कि अब आम हो या खास, सभी के वाहन टाउनहाल मैदान में बने पार्किंग में ही खड़े करने होंगे लेकिन ऐसा नहीं हो रहा था। यह देख दशाश्वमेध निवासी आम आदमी ने आवाज उठाई। वाहनों को रोक कर नियमों को बताया। पीएम नरेन्द्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ के अलावा स्थानीय स्तर पर मंत्री डा. नीलकंठ तिवारी को आनलाइन शिकायत की। इसके बाद महकमा जागा और पुराने नियम पर सख्ती करने का निर्णय लिया। बीते तीन दिनों से वाहनों को बांसफाटक तक जाने से रोक दिया गया।

भाजपा की जनविश्वास यात्रा 29 दिसम्बर को वाराणसी में करेगी प्रवेश, महानगर के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में रोड शो

भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश के छह स्थानों से 19 दिसम्बर को जनविश्वास यात्रा की शुरुआत की है। इस यात्रा के जरिए भारतीय जनता पार्टी केंद्र की मोदी सरकार की 7 वर्ष एवं प्रदेश की योगी सरकार द्वारा पांच वर्षो की उपलब्धियों व जनहित में किए गये कार्यों को बताया जा रहा है। इसके तहत काशी क्षेत्र की जनविश्वास यात्रा का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने गत 19 दिसम्बर को गाजीपुर से किया था। यात्रा विभिन्न जिलों से होते हुए 29 दिसम्बर को वाराणसी जिले के सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र से दोपहर में जिले में प्रवेश करेगी। जनविश्वास यात्रा के स्वागत के लिए जगह जगह स्वागत प्वाइंट बनाए जा रहे हैं। जहां पार्टी कार्यकर्ता एवं क्षेत्र की जनता ढोल नगाडो के बीच पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत करेंगे। यात्रा वाराणसी से जौनपुर, सुल्तानपुर होते हुए तीन जनवरी को अमेठी पहुंचेगी जहां एक बड़ी जनसभा के बाद जनविश्वास यात्रा का समापन होगा।

वाराणसी में चाइनीज मांझा से जा चुकी है कई जान, मकर संक्रांति से पूर्व शुरू हुआ मांझा बहिष्‍कार

यूं तो प्रतिबंधित चाइनीज कातिल मांझा साल के 12 महीने बाजार में चोरी-छिपे बेधड़क बिक रहे हैं। मगर आगामी पर्व मकर संक्रांति पर पतंगों का पर्व को देखते हुए गाहे-बगाहे लोगों के गले का फॉस बने जानलेवा प्रतिबंधित कातिल चाइनीज मंझा के बिक्री पर रोक का कड़ाई से पालन कराने की प्रशासन से मांग को लेकर सामाजिक संस्था सुबह-ए- बनारस क्लब के बैनर तले संस्था के अध्यक्ष मुकेश जायसवाल, लक्ष्मी हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक समाजसेवी डॉ. अशोक कुमार राय, महासचिव राजन सोनी एवं काल भैरव स्थित बी पी गुजरात विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य शशि प्रकाश गौतम के नेतृत्व में कालेज के परिसर में छात्रों के बीच हाथों में पतंग व बैनर लेकर प्रतिबंधित चाइनीज मंझा से पतंग ना उड़ाने की अपील के साथ एक जन जागरूकता अभियान चलाया गया।

वाराणसी में बोले डा. पृथ्‍वीश नाग - 'ऐसा करें शोध कि भूगोल भी नोबेल के लिए हो चयनित'

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के आरएल सिंह सभागार में नेशनल ज्योग्राफिकल सोसाइटी आफ इंडिया और भूगोल विभाग, बीएचयू के संयुक्त तत्वावधान में "भौगोलिक व्याख्याओं में रुझान : मिथक और वास्तविकताएं" (ट्रेंड्स इन जियोग्राफिकल एक्सप्लेनेशंस : मिथ्स एंड रियलिटीज) विषय पर केंद्रित दो दिवसीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि के तौर पर नेशनल एसोसिएशन आफ जियोग्राफर आफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पूर्व कुलपति डा. पृथ्वीश नाग ने भूगोल के शोधार्थियों को शोध के विभिन्न नए आयामों से रूबरू कराया। भूगोल विभाग के सभी छात्रों और आचार्यों से आग्रह किया कि वे कुछ ऐसे विषयों पर शोध करें कि भूगोल को भी नोबेल पुरस्कार के लिए चयनित किया जा सके। इस मौके पर उन्होंने अपने द्वारा लिखित पुस्तकों को विभागाध्यक्ष को भेंट किया।

Edited By: Abhishek Sharma