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लकवा में तंबाकू सेवन, धूम्रपान, मदिरा का सेवन हो सकता है जानलेवा : प्रो. विजयनाथ मिश्र

By Shivam SinghEdited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 28 Oct 2026 01:49 PM (IST)

प्रो. विजयनाथ मिश्र ने लकवा, स्ट्रोक और अन्य तंत्रिका संबंधी बीमारियों पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने तंबाकू, धूम्रपान और मदिरा ...और पढ़ें

तंबाकू, शराब से लकवा का खतरा, प्रो. विजयनाथ मिश्र की चेतावनी।

तंबाकू, शराब से लकवा का खतरा, प्रो. विजयनाथ मिश्र की चेतावनी।

HighLights

  1. लकवा में तंबाकू, धूम्रपान, मदिरा सेवन जानलेवा हो सकता है।

  2. एफएएसटी टेस्ट से लकवा की तत्काल पहचान, तुरंत इलाज जरूरी।

  3. प्रो. मिश्र ने स्ट्रोक, मिर्गी, सिरदर्द सहित कई रोगों पर दी सलाह।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। लकवा (पैरालिसिस) एक ऐसी गंभीर स्थिति है जिसमें मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी या नसों की क्षति के कारण शरीर के किसी हिस्से की मांसपेशियों का काम करना बंद हो जाता है। इस स्थिति में दिमाग से मांसपेशियों तक जाने वाले संदेश (सिग्नल) का संपर्क टूट जाता है।

ऐसे में लकवा को पहचानने के लिए एक साधारण टेस्ट है जिसमें एफएएसटी (फेस आर्म स्पीच) अगर किसी को एक तरफ का हाथ, चेहरा और आवाज चली गई हो तो यह लकवा हो सकता है। ऐसे मरीजों को तत्काल चिकित्सीय सुविधा दिलवाने के लिए ब्लड शुगर, बीपी के अलावा सीटी स्कैन करा लेना चाहिए।

लकवा से हर वर्ग के लाखों लोगों की मौत हो जाती है। इसके बचाव के लिए अगर नियमित बीपी, शुगर की दवाइयां खाई जाएं, नियमित एक्सरसाइज और संतुलित आहार लिया जाए तो इससे बचा जा सकता है। वहीं तंबाकू सेवन, धूम्रपान, मदिरा सेवन से लकवा गंभीर रूप में जान का खतरा बन सकता है। इसे छोड़ देने से लकवा से बचा जा सकता है।

29 अक्टूबर को विश्व स्ट्रोक दिवस है। इस मौके पर दैनिक जागरण के लोकप्रिय कार्यक्रम 'हेलो जागरण' में बुधवार को आइएमएस बीएचयू के न्यूरोलाजी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष ख्यात तंत्रिका तंत्र विशेषज्ञ प्रो. विजयनाथ मिश्र मौजूद रहे। उन्होंने पक्षाघात (लकवा), सिरदर्द, स्ट्रोक, मिर्गी, हाथ-पैरों में झनझनाहट, पर्किंसन, तनाव, अवसाद, दिमाग व नसों की बीमारियों के बारे में जानकारी दी। साथ ही बचाव और उपचार के बारे में भी बताया।

मेरी उम्र 70 साल है। दाहिने पैर में दर्द होता है। एक-दो मिनट तक तो असहनीय दर्द रहता है क्या करें? चंद्रभान पांडेय (बच्छाव)

- शुगर विटामिन-12 और एनसीवी की जांच कराएं। अगर दर्द असहनीय है तो दवा लेनी चाहिए। एक बार बीएचयू आकर दिखा लीजिए।

मेरी उम्र 72 वर्ष है। सर दर्द हो रहा है चक्कर भी आता है क्या करें? बृजेश कुमार (कचहरी)
-बच्चों और बुजुर्गों में सर दर्द की बीमारी का तत्काल जांच करानी चाहिए। ऐसे में सीटी स्कैन या एमआरआइ जांच से ब्रेन की कोशिकाओं के बारे में पता लगाया जा सकता है। यदि सरदर्द के साथ आंखों की रोशनी कम हा जाए, मिर्गी के झटके आए, कान बहता हो, तेज बुखार हो तो यह सरदर्द गंभीर हो सकता है।

मेरी उम्र 70 साल है। 2021 में सीजर डिसआर्डर हुआ था, पांच साल से दवा चल रही है कृष्णकुमार सिंह (गणेशधाम कालोनी, सुंदरपुर)

- सीजर (मिर्गी) बीमारी के कई लक्षण हैं जिसमें दौरे आना, अचानक गिर जाना, एक तरफ दौरे आना आदि है। इसका इलाज पूरी तरह संभव है। उचित जांच एवं उचित समय से इलाज मिर्गी के रोग में जरूरी है।

मेरी उम्र 58 वर्ष है। पैर के दोनों तलवों में जलन होती है क्या करें? ओपी मिश्रा (जंघई)

- एनसीवी और विटामिन बी-12 की जांच कराना होगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे का इलाज किया जाएगा।

रात को सोते समय पैर अकड़ और है दर्द शुरू हो जाता है। तेल लगाते हैं तो आराम मिल जाता है क्या करें? सेनापति ओझा (सामने घाट)

- रेसलेस लेग सिंड्रोम की बीमारी है। इस बीमारी में अक्सर रात में सोने के पहले या सोने के दौरान तेज दर्द अथवा जलन देखने को मिल सकता है। इससे नींद भी खुल जाती है। इस बीमारी के कारण कई बार लोगों को पैर दबवाने की आदत हो जाती है। एक एनसीवी टेस्ट कराने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे का इलाज किया जाएगा।

आइवीएस (इरीटेबल बावल सिंड्रोम)और डिप्रेशन की बीमारी है क्या करें? रंजना श्रीवास्तव (लहरतारा)

- युवा अवस्था से लेकर व्यवस्क तक में यह समस्या हो रही है। 50 प्रतिशत लोगों को यह बीमारी हो रही है। इसमें बीमारी पेट की नहीं, दिमाग की बीमारी है। गट ब्रेन एक्सिस को सही करने से ठीक हो सकता है। इसको सही करने के लिए संयमित जीवन और आहार (दही, छाछ) से काफी आराम मिलता है। अतड़ियों में करोड़ों बैक्टीरिया मानव जीवन के दिमाग एवं पेट के स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं। अनुसंधान से पता लगा है कि इन बैक्टीरिया के संतुलित कार्यों से कई ब्रेन की और पेट का इलाज संभव है।

बाएं जांघ में दर्द है क्या करें? विरेंद्र गिरी (मुबारकपुर, आजमगढ़)

- शुगर के कारण अथवा पीठ में नस दब जाने के कारण पैरों में दर्द होता है। उचित जांच और समय पर इलाज जरूरी है।

मेरी उम्र 45 वर्ष है। 40 वर्ष से मिर्गी के दौरे पड़ रहे हैं। इस कारण आजतक शादी नहीं हो पाई है क्या करें? धर्मेंद्र कुमार मिश्रा (शिवपुर)

- मिर्गी के कारण कई जगहों पर तरह-तरह की भ्रांतियां हैं। इसे एक सामाजिक तिरस्कार की भावना से भी देखा जाता है। ऐसे में यह दुखद है कि मिर्गी के मरीजों से लोग शादी नहीं करना चाहते हैं। यह एक अपराध है। किसी भी बीमारी का इलाज कराना जरूरी है और उसको सामाजिक विसंगतियों से नहीं जोड़ना चाहिए। अभी तक इन सामाजिक कुरीतियों से लड़ के, परिवार से बात करके मैंने 33 मिर्गी के मरीजों का शादी करवाने में भी मदद की है। एक बार बीएचयू में मंगलवार और गुरुवार को आकर दिखा लीजिए। आपको पूरी तरह आराम मिल जाएगा और शादी करने योग्य हो जाएंगे।

मेरी उम्र 60 वर्ष है। सोते और उठते समय हाथ में झुनझुनी रहती है और पेट में जलन है क्या करें? कविता चौधरी (डीएलडब्ल्यू)

-सीटीएस (कारपल टनल सिंड्रोम)की दिक्कत है। यह महिलाओं में दिक्कत ज्यादा होती है। नस दबने के कारण होता है। इस तरह की बीमारी में मोटापा, थायराइड की बीमारी आदि की अधिकता देखी गई है।

चलते हैं तो रुकते नहीं और कपड़ा फाड़ देते हैं और गुस्सा हो जाते हैं। कभी-कभी अपना नाम भी भूल जाते हैं। दो साल से यह समस्या है क्या करें? मंगला प्रताप (नमोघाट)

- यह डिमेंशिया की बीमारी है। इसमें आदमी भूलने लगता, इधर-उधर पेशाब और शौच कर देता है। सामाजिक व्यवहार में खराबी देखी जा सकती है। इस बीमारी को जितनी जल्दी पहचानी जा सके, उतनी जल्दी इलाज शुरू कर देना चाहिए। कुछ डिमेंशिया के मरीज बिल्कुल ठीक हो सकते हैं। जैसे- लकवा वाली डिमेंशिया, चोट लगने से डिमेंशिया, बिटामिन-12 की कमी से डिमेंशिया आदि को ठीक किया जा सकता है। बीएचयू के कक्ष नंबर 105 में आकर सुबह नौ से शाम पांच बजे तक आकर दिखा सकते हैं।