जौनपुर, जागरण संवाददाता। वाराणसी-लखनऊ राजमार्ग का फोरलेन निर्माण कार्य डेढ़ माह से ठप है। इसके लिए तीन बार शासन से पत्राचार किया गया, लेकिन अभी तक कुछ हो नहीं सका है। निर्माण में लगी संस्था गायत्री कंस्ट्रक्शन ने काम पूरी तरह से ठप कर दिया है। एनएचएआइ की तरफ से जिला प्रशासन को बताया जा रहा है कि संस्था के पास बजट खत्म हो गया है। ऐसे में जिले की सीमा में कुछ जगहों पर अंडरपास, ओवरब्रिज पर काम नहीं हो पा रहा है। जिससे वाराणसी से बाहर जाने वाले लोगों को शहर के अंदर से होकर गुजरना पड़ रहा है। इससे जाम की समस्या बनी रहती है। काम को जल्द शुरू करने के लिए विभाग की तरफ से तीन बार शासन को पत्र भेजा गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी है, जबकि कार्य को दिसंबर में पूरा होना था।

वाराणसी-लखनऊ राजमार्ग पर वर्ष 2016 से चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। जिले में सिंगरामऊ की सीमा से शुरू होकर त्रिलोचन तक जिले की सीमा में कुल 69 किमी सड़क फोरलेन होनी है। इसमें से 67.5 किमी काम हो चुका है। एनएचएआइ की तरफ से फोरलेन का काम करने वाली फर्म गायत्री कंस्ट्रक्शन का काम अभी भी दस फीसद अधूरा है। जिसका कारण बजट का अभाव बताया जा रहा है। काम की खराब प्रगति को लेकर दो से तीन बार जिला प्रशासन की तरफ से शासन को पत्राचार किया गया। वहीं एनएचआइ की मानें तो फर्म की फाइनेंशियल समस्या थी जिसका निस्तारण हो गया है। काम शुरू कराया जा रहा है। विभाग की मानें तो दिसंबर में काम को पूरा करने की अंतिम तिथि है। अब देखना यह है कि काम इतने कम समय में काम कैसे पूरा होगा। सुल्तानपुर से वाराणसी तक की कुल 138 किमी फोरलेन मार्ग के निर्माण की लागत दो हजार करोड़ है।

इन जगहों पर काम है बाकी : महरूपुर व ढेरापुर में ओवरब्रिज में स्ट्रक्चर का काम व पुल पर ब्लैक पेंट करना बाकी है तो शिवापार में अंडरपास में संपर्क मार्ग को बनाया जाना शेष है। इसके अलावा भी कुछ जगहों पर छिटपुट कार्य करना बाकी है।

कार्यदाई संस्था के अधिकारी बाेले : फोरलेन का निर्माण कार्य करने वाली संस्था गायत्री कंस्ट्रक्शन के सामने बजट की समस्या थी। जिसको अब फर्म ने स्वयं से दूर किया है। जिले में दस फीसद बाकी कार्य को 30 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। -जतिन लखमानी, उप प्रबंधक, एनएचएआइ।

बोले जिम्मेदार : फोरलेन के काम में लगी गायत्री कंस्ट्रक्शन फर्म के पास बजट खत्म होने की समस्या सुनने में आ रही है। जिससे करीब डेढ़ माह से काम ठप है। इसके लिए शासन स्तर पर तीन बार पत्राचार किया जा चुका है। -मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी।

Edited By: Abhishek Sharma