भदोही, जेएनएन। औवैसी के आल इंडिया मजलिस ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन के जिलाध्यक्ष तनबीर हयात खां, यूथ जिलाध्यक्ष ताविस आर्यन और सभासद पति सायंम वासिक उर्फ खुर्रम अंसारी पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत निरुद्ध किया गया है। इस मामले में तीनों आरोपितों को रासुका का आदेश भी तामिल करा दिया गया है।

कालीन नगरी भदोही में 20 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बवाल कर दिया गया था। पथराव के साथ ही साथ कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में 15 नामजद और 150 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसके साथ ही 27 के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की गई थी। 59 अज्ञात उपद्रवियों की पहचान के लिए भदोही में जगह-जगह पोस्टर भी लगवाए गए थे। अभी तक महज 17 उपद्रवियों की पहचान हो सकी है। बवाल को हवा देने वाले ओवैसी की पार्टी एआइएमआइएम के जिलाध्यक्ष और सभासद पति की अहम भूमिका थी। एसपी  ने बताया कि तीन आरोपितों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी की संस्तुति मिलने के बाद आरोपितों को आदेश भी प्राप्त करा दिया गया है।

13 उपद्रवियों की जमानत अर्जी मंजूर

सत्र न्यायालय की अदालत ने भदोही में उपद्रव करने वाले सभी 13 उपद्रवियों को जमानत दे दी। अभियोजन के अनुसार उपद्रवियों की ओर से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में जमानत याचिका दाखिल की गई थी। ठोस आधार न मिलने पर जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। इसके पश्चात आरोपितों ने जिला सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी दाखिल की थी। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का परिशीलन करने के बाद जमानत याचिका मंजूर कर दी। इसमें तीन आरोपित जेल से रिहा नहीं हो पाएंगे। उनके खिलाफ पुलिस ने रासुका की कार्रवाई की है।

Posted By: Saurabh Chakravarty

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