बलिया, जेएनएन। लक्ष्मी प्रतिमा विसर्जन के दौरान बुधवार की शाम को तीन युवक डूब गए। यह हादसा थाना क्षेत्र के डूहा बनखंडी नाथ मठ के समीप हुआ। इस दौरान डूब रहे तीन अन्य किशाेरों को आसपास के लोगों ने जान की बाजी लगाकर किसी तरह बचाने में सफलता हासिल कर ली। सभी का इलाज अस्पताल में चल रहा है। ग्रामीणों के प्रयास से  कुछ ही समय बाद तीनों शवों को बरामद कर लिया गया। इस घटना से मृत युवकों के परिवार में कोहराम मच गया। सबसे बड़ा सवाल यह रहा कि नदी में मूर्ति विसर्जन पर पूर्ण प्रतिबंध होने के बाद भी लोग विसर्जन करने कैसे वहां पहुंच गए।

थाना क्षेत्र के जमालपुर बंशी बाजार के युवक लक्ष्मी जी की मूर्ति विसर्जन करने के लिए डुहा बनखंडी नाथ मठ के समीप घाघरा किनारे गए थे। इसी बीच मूॢत विसर्जन के दौरान ही बिल्लू (18), संविधान (17), बेचन (17), मोनू प्रजापति (18), रोशन गुप्ता (16) व एक अन्य युवक गहरे पानी में चले गए। इस दौरान ये सभी डूबने लगे। यह देख आसपास मौजूद लोगों ने जान पर खेलकर तीन अन्य युवकों को किसी तरह बचा लिया लेकिन बेचन, मोनू प्रजापति व रोशन गुप्ता नदी में विलीन हो गए। इस घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। चीख-पुकार के बीच लोगों ने किसी तरह एंबुलेंस बुलाकर बचाए गए तीनों को तत्काल सिकंदरपुर स्वास्थ्य केंद्र पर भेजा। इसके बाद शव की तलाश शुरू हुई। काफी प्रयास के बाद तीनों युवकों का शव बरामद कर लिया गया। इसकी खबर गांव पहुंचते ही युवकों के परिवार में कोहराम मच गया। इस घटना से पूरे गांव में मातम का माहौल है। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

ताल में डूबा किशोर, बाल-बाल बचे दो अन्य साथी

भीमपुरा थाना के चरौवां ग्रामसभा अंतर्गत रामगढ़ ताल में बुधवार को नहाने गए आदित्य यादव (13) की डूबने से मौत हो गई। वहीं दो अन्य साथी बाल-बाल बच गए। ग्रामीणों के अथक प्रयास से घटना के करीब दो घंटे बाद किसी तरह किशोर का शव बरामद कर लिया गया। ठकुरहीं निवासी चंद्रहास यादव के इकलौता पुत्र आदित्य अपने साथियों के साथ गांव के रामगढ़ ताल के पास छठ की तैयारी के लिए वेदी बनाने गए हुए थे। इस दौरान आदित्य (13) अपने साथी हिमांशु (12) व अंकित यादव (13) के साथ ताल के घाट पर वेदी बनाने के बाद नहाने चले गए। इस दौरान अचानक गहरे पानी आदित्य डूबने लगा। इसे बचाने के प्रयास में अन्य साथी भी पानी में फंस गए ङ्क्षकतु दोनों साथी हिमांशु व अंकित किसी तरह बाहर निकल गए और तत्काल गांव में जाकर लोगों को घटना की सूचना दी। इसके बाद रामगढ़ ताल के घाट पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। करीब दो घंटे के बाद किसी तरह आदित्य का शव बाहर निकाला गया।

Posted By: Saurabh Chakravarty

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