मीरजापुर, जेएनएन। पिछले तीन महीने के अंदर जनपद के विभिन्न स्थानों से तीन बच्चा चोरी होने की खबर लगते ही अन्य परिवार के लोग सहम गए हैं। हर किसी के मन में यह डर बैठ गया है कि कहीं उनके बच्चे को भी गिरोह के सदस्य न उठा ले जाएं। अगर यही हालात रहे तो लोेग अपने घरों के बाहर सोना छोड़ देंगे। उधर चोरी हुए तीन बच्चों में से एक को भी पुलिस अब तक बरामद नहीं कर पाई है। पुलिस की निस्क्रियता के चलते गिरोह के सदस्य आए दिन किसी न किसी इलाके में घुसकर बच्चों को चुरा ले जा रहे हैं, लेकिन न परिजन उनको पकड़ पा रहे हैं और न ही पुलिस ऐसे लोगों का सुराग लगा पा रही है।

करीब तीन माह पूर्व एक श्रमिक रेलवे स्टेशन के बाहर अपने परिवार के साथ सोया था। इसी दौरान बाइक सवार बच्चा चोर गिरोह के दो सदस्य आए और उसके तीन वर्षीय बेटे को उठा ले गए। भोर में जब परिवार के लोगों की नींद खुली तो परिजन बालक को न देख हैरान हो गए। पूरे स्टेशन परिसर में बालक की खोजबीन की, लेकिन वह कहीं नहीं मिला। कटरा कोतवाली में घटना की तहरीर देने के बावजूद आजतक पुलिस चोरी हुए बालक को नहीं खोज पाई। यह मामला अभी ठंडा नहीं हुआ था कि छह मई की शाम जिगना थाना क्षेत्र के पति का पुरा नरोइया गांव निवासी सुरेंद्र कुमार के आठ माह के बेटे रणजीत को बाइक सवार बच्चा चोर गिरोह के सदस्य घर के बाहर से उठा ले गए।

परिजन आसपास के गांवों में जिगर के टुकड़े की खोजबीन किए, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका। घटना की तहरीर देने पर जिगना थाना प्रभारी प्रणय प्रसून श्रीवास्तव पहुंचे। प्रभारी पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र साक्य ने भी पहुंचकर छानबीन की और लापता हुए बालक को तत्काल बरामद करने का निर्देश क्राइम ब्रांच व जिगना पुलिस को दिया। पुलिस चोरी हुए बालक का सुराग लगाने में लगी हुई थी कि सात मई की रात देहात कोतवाली के बेदौली गांव निवासी दिलीप कुमार के चार वर्षीय बेटे आयुष को घर के बाहर सोते समय बाइक सवार बच्चा चोर गिरोह के सदस्य उठा ले गए। सुबह बच्चा के चोरी होने की खबर लगते ही इलाके में हड़कंप मच गया।

चोरी हुए तीनों बालकों को जल्द ही बरामद कर लिया जाएगा

जनपद से चोरी हुए तीनों बालकों को जल्द ही बरामद कर लिया जाएगा। टीमें लगी हैं। आरोपित बच नहीं पाएंगे।

- सुभाष चंद्र शाक्य, प्रभारी पुलिस अधीक्षक, मीरजापुर।

 

Edited By: Saurabh Chakravarty