वाराणसी, जागरण संवाददाता। जिन लोगों ने वर्ष 2016 से 31 जनवरी 2021 के बीच जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाया है और वह उनके पास सुरक्षित नहीं है तो दोबारा प्रमाण पत्र नगर निगम से मिलना तब तक मुश्किल है, जब तक की समस्या का समाधान नहीं हो जाता।

वर्ष 2016 से बीते 31 जनवरी 2021 तक जिस पोर्टल से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत किया जा रहा था, उसे बंद कर दूसरे पोर्टल से यह प्रमाण पत्र निर्गत किया जाना लगा। जिसका परिणाम है कि पहले वाले पोर्टल का डेटा नहीं मिल रहा है। हालांकि हालांकि नगर स्वास्थ्य अधिकारी व रजिस्ट्रार ने मुख्य रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर इस समस्या का समाधान किए जाने का अनुरोध किया है। लेकिन जब तक समाधान नहीं हो जाता, तब तक लोगों के लिए परेशानी बनी हुई है।

क्या है मामला : उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास विभाग के अमृत मिशन के तहत वर्ष 2016 से ई नगर सेवा पोर्टल से समस्त जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र रजिस्ट्रार के डिजिटल हस्ताक्षर के साथ निर्गत किए जाने का कार्य शुरू हुआ। 31 जनवरी 2021 तक सभी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र उक्त पोर्टल से ही निर्गत किए गए। उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव के निर्देश पर नगर निगम, वाराणसी ने उक्त पोर्टल को बंद कर दिया। सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम पोर्टल पर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत किए जाने के निर्देश के आलोक में एक फरवरी से इस पोर्टल से प्रमाण पत्र निर्गत किया जाने लगा।

जिसका परिणाम हुआ कि पहले वाले पोर्टल से निर्गत तकरीबन पांच लाख जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र का डाटा नहीं मिल रहा है। पहले वाला पोर्टल भी अब नहीं खुल रहा है। जिन लोगों के पास जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सुरक्षित है, उसके आधार पर डाटा नए वाले पोर्टल पर समायोजित कर लिया जा रहा है। लेकिन जिनके पास नहीं है, उसका कोई हिसाब-किताब नहीं मिल रहा है। हालांकि नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. एनपी सिंह ने मुख्य रजिस्ट्रार से इस संबंध में तीन बार पत्राचार करते हुए ई नगर सेवा पोर्टल से निर्गत जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र को सिविल रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर समायोजित कराने का अनुरोध किया है।

Edited By: Abhishek Sharma