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सरसों की यह प्रजात‍ि रोकेगी हार्ट अटैक का खतरा, इस तरह क‍िसानों को बीज का होगा व‍ितरण

By Raghvendra Chandra Shukla Edited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 28 Oct 2026 12:24 PM (IST)

काशी के किसानों के लिए पूसा मस्टर्ड पीएम-2 सरसों का नया बीज उपलब्ध है, जो कम यूरिक एसिड के कारण ...और पढ़ें

हृदय रोग से बचाएगा पूसा मस्टर्ड पीएम-2 बीज, काशी के किसानों को मिलेगा लाभ।

हृदय रोग से बचाएगा पूसा मस्टर्ड पीएम-2 बीज, काशी के किसानों को मिलेगा लाभ।

HighLights

  1. पूसा मस्टर्ड पीएम-2 हृदय रोगियों के लिए फायदेमंद।

  2. 35-38% अधिक उपज और रतुआ रोग प्रतिरोधी बीज।

  3. काशी के किसान 50% सब्सिडी पर ऑनलाइन करें बुकिंग।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। रबी की प्रमुख फसल सरसों का नया बीज पीएम-2 (पूसा मस्टर्ड) इस साल से काशी के किसान भी बोएंगे। इसके लिए आनलाइन बुकिंग चल रही है। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पूसा नई दिल्ली ने इसके इजाद किया था।

अब तक काशी में गिरिराज बोने वाले किसानों के पास दूसरा विकल्प भी मिल गया। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस फसल से तैयार तेल शरीर के लिए फायदेमंद है, जो हृदयाघात के खतरे को कम करने में सहायक होगा। इस बीज पर 50 प्रतिशत सब्सिडी भी है।

रबी सीजन में बोआई शुरू है। प्रमुख फसल सरसों का नया बीज, कृषि विभाग को उपलब्ध हो गया है। आनलाइन आवेदन और आवंटन के बाद किसान, कृषि कल्याण केंद्र से अनुदान पर ले सकते हैं। जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह ने बताया कि नया बीज पीएम-2 की पर्याप्त खेप उपलब्ध है।

इसे पूसा दिल्ली ने इजाद किया। इसके तेल में यूरेसिक एसिड का स्तर लो होता है जो हृदयरोगियों के लिए लाभप्रद हो सकता है।जबकि इस फसल से उत्पादन भी 35 से 38 प्रतिशत ज्यादा होने की उम्मीद है। रतुआ रोग प्रतिरोधी भी माना जाता है। किसान कृषि विभाग की वेबसाइट से आनलाइन बुकिंग कर किसान पीएम-दो व गिरिराज दोनों बीज प्राप्त कर सकते हैं।

ऐसे करें बुकिंग
किसान उत्तर प्रदेश कृषि विभाग या एग्री दर्शन पोर्टल पर जाएं। यहां बीज का चयन करें। बुकिंग लिंक पर क्लिक कर सामान्य, संकर या मिनी किट (निश्शुल्क बीज) का विकल्प चुनें। पंजीकरण नंबर दर्ज करते हुए किसान पंजीकरण नंबर डालें और सर्च करें। आपके रजिस्टर्ड नंबर मिले ओटीपी का सत्यापन करें। सत्यापन के बाद जरूरत के अनुसार फसल का चयन व पैकेट की संख्या चुने। बुकिंग सबमिट करें और रसीद का प्रिंट लें। ई-लाटरी के जरिए नाम सामने आएग और राजकीय कृषि बीज भंडार से बीज प्राप्त कर सकते हैं।