आजमगढ़ से वाराणसी और फिर विधान परिषद तक का सपा नेता लाल बिहारी यादव ने ऐसे तय किया सफर
सपा नेता लाल बिहारी यादव ने लगातार दूसरी बार वाराणसी शिक्षक एमएलसी सीट पर जीत हासिल की है, जिसका श्रेय ...और पढ़ें

सपा नेता लाल बिहारी यादव ने वाराणसी शिक्षक एमएलसी सीट पर दोबारा दर्ज की जीत।
HighLights
लाल बिहारी यादव ने वाराणसी शिक्षक एमएलसी सीट जीती।
जीत का श्रेय सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिया।
शिक्षक राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। सपा नेता लाल बिहारी यादव ने लगातार दूसरी बार वाराणसी शिक्षक एमएलसी सीट से जीत हासिल की है। उन्होंने अपनी जीत का श्रेय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिया है। लाल बिहारी यादव, जिन्होंने पीएम मोदी के गढ़ काशी में भाजपा को हराया।
सपा नेता लाल बिहारी यादव ने लगातार दूसरी बार वाराणसी शिक्षक एमएलसी सीट से जीत हासिल की है। उन्होंने अपनी जीत का श्रेय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिया है। लाल बिहारी यादव, जिन्होंने पीएम मोदी के गढ़ काशी में भाजपा को हराया। सपा नेता लाल बिहारी यादव ने लगातार दूसरी बार वाराणसी शिक्षक एमएलसी सीट से जीत हासिल की है। उन्होंने अपनी जीत का श्रेय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिया है।

शिक्षक राजनीति में बनाई पहचान
आजमगढ़ के विशुनपुर गांव में 1 जुलाई, 1960 को जन्मे लाल बिहारी यादव ने बीए और बीएड की शिक्षा ली। इसके बाद वह शिक्षा क्षेत्र से जुड़े और वित्तविहीन शिक्षकों और शिक्षक समुदाय के मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे। इसी वजह से शिक्षक राजनीति में उनकी पहचान बनी।
2022 में बने नेता प्रतिपक्ष-पहली बार 2020 में सपा ने उनको वाराणसी शिक्षक सीट पर एमएलसी उम्मीदवार बनाया। जीत हासिल कर वह विधान परिषद पहुंचे। 2022 में सपा ने उनको विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष बनाया। हालांकि आवश्यक संख्या खत्म होने के कारण यह पद समाप्त हो गया। 2024 में विधान परिषद में एक बार फिर सपा सदस्यों की संख्या बढ़ी तो लाल बिहारी यादव को दोबारा नेता प्रतिपक्ष बनाया गया।
जिला प्रवक्ता एवं लाल बिहारी यादव के चीफ इलेक्शन एजेंट संतोष यादव बबलू एडवोकेट ने कहा कि यह केवल एक चुनावी जीत नहीं बल्कि शिक्षकों की नाराजगी और शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों पर समाजवादी पार्टी में जताए गए विश्वास की जीत है। उन्होंने इस जीत का श्रेय सपा प्रमुख अखिलेश यादव को दिया। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली, मदरसों में शिक्षकों के मानदेय और वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय के मुद्दों को लगातार पार्टी ने उठाया है।
