वाराणसी, जेएनएन। कोरोना महामारी के चलते संघ के इतिहास में पहली बार सामूहिक शाखाएं निरस्त किए गए है। सामूहिक शाखा निरस्त होने के बाद लोग घरों में ही कुटुंब शाखा लगा रहे हैं। जिलेभर में सैकड़ों से ज्यादा कुटुंब शाखाएं लग रही है। जिसमें स्वयंसेवक अपने परिवार के साथ शाखा लगाते हैं।

घड़ी में सुबह साढ़े पांच बजते ही नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमि...से जिले के सैकड़ों मोहल्ले गुंजायमान हो उठते  है। फिर फिजिकिल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सभी लोग अपने घरों की छतों पर व्यायाम करते हैैं, और उनके साथ अन्य सदस्य सुर से सुर मिलाते हैैं। मोबाइल से भी स्वयंसेवकों को जोड़ा जा रहा है। लॉकडाउन के चलते मैदान में न तो दैनिक शाखा लग पा रही है और न ही साप्ताहिक मिलन (साप्ताहिक शाखा) व मंडली (माह में लगने वाली शाखा) ही लग पा रही है।

अब स्वयं सेवक छतों पर कुटुंब शाखा लगा रहे हैं। लगभग एक घंटे की इस शाखा में ध्वज लगाकर संघ की प्रार्थना होती है। इसके बाद सूर्य नमस्कार, योग, व्यायाम, गीत, खेलकूद आदि होता है। ताड़ासन, अर्ध कटिचक्रासन, उत्कटासन, ताली योग विशेष रूप से होता है। जैसे प्रभात और सायं की शाखा लगती हैं, वैसे ही कुटुंब की शाखा लग रही है।

     खास बातें

  • 17 सौ से ज्यादा लग रही हैैं जिले में संघ की कुटुंब की शाखा
  • 8 हजार के लगभग स्वयंसेवक शामिल हो रहे हैैं शाखा में
  • 24 मार्च से स्वयं सेवक घरों व छतों पर लगा रहे हैैं कुटुंब शाखा
  •  शाखा के अंत में कोरोना संक्रमण से बचाव के बारे में एक दूसरे से करते हैं चर्चा

Posted By: Saurabh Chakravarty

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