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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 01, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सुबह-ए-बनारस की सप्त वार्षिकी पर निखरेगी अनूठी छटा, घाट पर 24 घंटे होंगे होम-हवन

By Saurabh ChakravartyEdited By:
Published: Mon, 01 Nov 2021 10:31 AM (IST)

अस्सी घाट पर नित्य प्रातः आयोजित होने वाले सुर राग में पगे आध्यात्मिक अनुष्ठान सुबह ए बनारस 24 नवंबर को ...और पढ़ें

सुबह-ए-बनारस की सप्त वार्षिकी पर निखरेगी अनूठी छटा
सुबह-ए-बनारस की सप्त वार्षिकी पर निखरेगी अनूठी छटा

जागरण संवाददाता, वाराणसी। अस्सी घाट पर नित्य प्रातः आयोजित होने वाले सुर राग में पगे आध्यात्मिक अनुष्ठान सुबह ए बनारस 24 नवंबर को सात साल का हो जाएगा। अनूठे आयोजन की सप्तवार्षिकी कुछ अलग ही अंदाज में मनाई जाएगी। 24 घंटे होम-हवन आदि होंगे, वेद मंत्र गुजेंगे तो गीत-संगीत प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी। इसकी तैयारी अब से ही शुरू कर दी गई है। वर्ष 2014 में संस्कृति विभाग, जिला प्रशासन व जन सहयोग से अस्सी घाट पर सुबह ए बनारस का शुभारंभ किया गया था।

बाद में संस्थागत रूप से इसने ऊंचाई प्राप्त की। नित्य योग, हवन, सूर्य देव को अर्घ्य, गंगा आरती व संगीत प्रस्तुतियों से यह देश ही नहीं दुनिया तक में ख्यात हो चुकी है। बीच में कोरोना के कारण कुछ व्यवधान जरूर आया लेकिन क्रम आज भी जारी है। फिलहाल सप्त वार्षिकी की तैयारियों में संयोजक मंडल जुटा हुआ है। इसमें देशभर से कलाकारों को बुलाने के साथी गीत-संगीत की अनूठी महफिल सजाने पर विचार किया जा रहा है। प्रयास है कि शास्त्रीय के साथ ही लोक संगीत को भी इससे जोड़ा जाए। सुबह ए बनारस की ओर से हाल ही में संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली के साथ भारत जापान की मित्रता के प्रति रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में बड़ा आयोजन किया गया था। इसमें 100 से अधिक कलाकारों को सम्मानित भी किया गया था। इससे पहले सुबह ए बनारस व पर्यटन विभाग के संयोजन में डॉ राजेंद्र प्रसाद घाट पर नवरात्र महोत्सव आयोजित किया गया। नौदिनी सांगीतिक अनुष्ठान में 50 से अधिक कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं तो 500 से अधिक लोग सम्मानित किए गये। कुछ इसी तर्ज पर सुबह बनारस के आयोजन में कलाकारों की संख्या तो ठीक-ठाक रहेगी ही इसमें देशभर से कलाकारों को बुलाया जाएगा।