वाराणसी, जेएनएन। आध्यात्मिक नगरी काशी में देव दीपावली का आयोजन हो और लघु भारत की झलक न देखने को मिले, ऐसा हो ही नहीं सकता। उप्र संस्कृति विभाग के निर्देश पर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी ने गंगा घाटों पर विविध कार्यक्रमों के आयोजन किए हैं। कहीं पर पंजाब तो कहीं बंगाल, गुजरात, राजस्थान आदि प्रदेशों के लोक गीत व नृत्य की प्रस्तुति की जाएगी।

गंगा में नावों व बजड़ों पर यह नजारा अद्भुत होगा। यूं समझें कि लघु भारत की भी झलक देखने को मिलेगी। काशी की संस्कृति में भी यही थीम है। पूरा भारत यहां आकर बसा है। यहां के मुहल्ले व गलियां आदि उसी नाम से जानी व पहचानी जाती हैं। देव दीपावली के अलौकिक दृश्य को देखने के लिए प्रमुख सचिव जितेंद्र कुमार, कमिश्नर दीपक अग्रवाल, जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, निदेशक सांस्कृतिक विभाग उप्र शिशिर, क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी के प्रभारी डा. यशवंत सिंह राठौर द्वारा अतिथियों को गंगा घाट पर पहुंचने का न्योता दिया जा रहा है। कार्ड पर आयोजन की मुकम्मल जानकारी भी अंकित की गई है।

घाटों पर आयोजित होंगे ये कार्यक्रम

-रविदास घाट : पर अभिनव समिति द्वारा कठपुतली के माध्यम से रामलीला

-रीवा घाट : विष्णु यादव द्वारा बिरहा गायन

-निषाद राज घाट : शुभ्रा वर्मा ग्रुप द्वारा घूमर एवं चरी लोक नृत्य

-चेतसिंह घाट : राकेश तिवारी व साथी द्वारा भजन गायन

-महानिर्वाणी घाट : नंदिनी सिंह ग्रुप द्वारा डांडिया लोक नृत्य

-हनुमान घाट : मोहन लाल त्यागी द्वारा शहनाई वादन

-चौकी घाट : जया राय ग्रुप द्वारा बांग्ला लोक नृत्य

-राजा घाट : सुजीत तिवारी द्वारा सूफी गायन

-पांडेय घाट : ममता टंडन ग्रुप द्वारा कथक समूह नृत्य

-दरभंगा घाट : दीपिका कल्चरल सोसाइटी आफ इंडिया द्वारा लोक गायन

-सिंधिया घाट : नृत्यश्री संगीत अकादमी द्वारा पंजाबी लोक नृत्य

-राम घाट : महेश पाठक द्वारा सितार व बांसुरी की युगलबंदी

-लाल घाट : जय पांडेय व साथी द्वारा भजन गायन

-गाय घाट : मनीष पांडेय ग्रुप राम दरबार व त्रिपुरासुर वध

-बद्रीनारायण घाट : वृष्टि चक्रवर्ती ग्रुप द्वारा राजस्थान के लोक नृत्य

-नंदेश्वर घाट : प्रोजेक्ट प्रिस्टिन गंगा द्वारा लोक नृत्य 

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