वाराणसी, जागरण संवाददाता। कैंट रेलवे स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार पर प्रस्तावित विकास कार्य में रोड़ा बने अतिक्रमण के खिलाफ़ शनिवार को आभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। स्थानीय विधायक और अफसरों से कई चक्रों में हुई वार्ता के बाद कुछ चिन्हित कब्जों को गिराने पर सहमति बनी। हालांकि, दो दिनों की मोहलत देने के बाद टीम वापस लौट गई। 

पूर्व में नोटिस चस्पा करने के बाद सुबह रेल अधिकारी द्वितीय प्रवेश द्वार में काबिज लोगों को हटाने पहुंचे। उन्हें देख सैकड़ों लोग जुट गए। बुल्डोजर के सामने खड़े होकर प्रदर्शन किया। कुछ देर के लिए कार्रवाई भी रोक दी गई। पूरे घटनाक्रम में छावनी क्षेत्र का एक भी अफसर नहीं दिखा। मौके पर आरपीएफ, जीआरपी, कैंट थाने की पुलिस और पीएसी के जवान मौजूद रहे। इस दौरान विरोध प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए सुरक्षा बलों की काफी तैनाती की गई थी। सुबह से ही माहौल विवाद से भरा था तो दोपहर होने तक लोगों का आक्रोश बना रहा। हालांकि मौके पर पहुंचे लोगों के विरोध प्रदर्शन के बीच अधिकारियों ने लोगों को समझा बुझा कर वहां से अलग किया।  

देते हैं यूजर चार्ज : विरोध प्रदर्शन कर रहे स्थानीय लोगों ने दावा किया कि छावनी क्षेत्र को पानी, सीवर का टैक्स देते हैं। निर्धारित किराए का भुगतान भी किया जाता है। उनका परिवार यहां 40 वर्षों से अपना जीवन यापन कर रहा है। उन्हे कोइ नोटिस नहीं मिली। प्रदर्शन में नाटी विलियम, किशन पाल, उपेंद्र कुमार, केशव सिंह रामश्रय सोनकर, राजेंद्र प्रसाद, प्रमोद कुमार गुप्ता, रामाचल पाल मौजूद थे।

फुट ओवर ब्रिज का निर्माण : कैंट स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार पर प्रस्तावित फूट ओवर ब्रिज का निमार्ण कराने के लिए चिंहित भूमि खाली कराई जा रही है। मुख्य प्रवेश द्वार से शुरू फूट ओवर ब्रिज द्वितीय प्रवेश द्वार पर उतरेगा। इसकी जद में आए अवैध निर्माण के बाबत पूर्व में ही नोटिस चस्पा किया गया था। बाधक बने अवैध निर्माण के चलते यह परियोजना डेढ़ वर्ष लेट हो गई।

Edited By: Abhishek Sharma