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काशी विश्वनाथ मंद‍िर का ऐतिहासिक महत्व अब एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में भी होगा शामिल

By Digital Desk Edited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 03 Oct 2026 12:16 PM (IST)Updated: Sat, 03 Oct 2026 01:06 PM (IST)

एनसीईआरटी ने माध्यमिक स्कूलों के सामाजिक विज्ञान पाठ्यक्रम में काशी विश्वनाथ मंदिर के इतिहास को शामिल करने की पहल की ...और पढ़ें

काशी विश्वनाथ मंदिर का गौरवशाली इतिहास अब एनसीईआरटी पाठ्यक्रम का हिस्सा। (AI Image)

काशी विश्वनाथ मंदिर का गौरवशाली इतिहास अब एनसीईआरटी पाठ्यक्रम का हिस्सा। (AI Image)

HighLights

  1. एनसीईआरटी ने काशी विश्वनाथ इतिहास पाठ्यक्रम में शामिल किया।

  2. छात्र मंदिर के विध्वंस और पुनर्निर्माण की कहानी पढ़ेंगे।

  3. यह पहल छात्रों को सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ेगी।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्य अब पाठ्यपुस्तक का हिस्सा बनने जा रहा है। इसके लिए एनसीईआरटी ने पहल की है। जानकारी के अनुसार, माध्यमिक स्कूलों में अब सामाजिक विज्ञान की नई किताब में छात्र काशी विश्वनाथ के विध्वंस से लेकर धाम के निर्माण तक की कहानी पढ़ेंगे। इससे पुराणों से भी पुरानी नगरी काशी में बाबा व‍िश्‍वनाथ के भव्‍य मंद‍िर के अतीत के पन्‍नों को भी छात्रों को पढ़ने का मौका म‍िलेगा। 

इस किताब में अतीत की घटनाओं के माध्यम से आए सामाजिक बदलाव, सामाजिक दृढ़ता और समाज के प्रतिरोध को भी शामिल किया गया है। इसमें काशी विश्वनाथ के साथ ही मथुरा-वृंदावन के मंदिरों का इतिहास, संसद भवन में बने सेंगोल, भारत की नई संसद और देश में विगत समय में आए बदलावों को भी शामिल किया गया है। यह किताब अगले सत्र से कक्षा नौ के पाठ्यक्रम में शामिल की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, किताब में काशी विश्वनाथ मंदिर के अतीत के साथ ही विभिन्न समयांतराल में मुगलों द्वारा किए गए काशी विश्वनाथ के विध्वंस और इसके अहिल्याबाई से लेकर अब तक के धाम के रूप में पुनर्निर्माण की कहानी को शामिल किया गया है। मुगलकालीन अकबर के दौर में राजा मान सिंह, राजा टोडरमल और अहिल्या के मंदिर के उद्धार के कार्यों को भी इसमें शामिल किया गया है। 

इस पहल का उद्देश्य छात्रों को काशी विश्वनाथ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व से अवगत कराना है। यह कदम न केवल काशी के इतिहास को संरक्षित करने में मदद करेगा, बल्कि छात्रों को अपने सांस्कृतिक धरोहर के प्रति जागरूक भी करेगा। काशी विश्वनाथ मंदिर का इतिहास भारतीय संस्कृति और धार्मिकता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे अब पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है।

इस नई किताब के माध्यम से छात्र न केवल काशी विश्वनाथ के इतिहास को जानेंगे, बल्कि यह भी समझेंगे कि कैसे विभिन्न ऐतिहासिक घटनाओं ने समाज में बदलाव लाए हैं। यह पहल छात्रों को अपने इतिहास से जोड़ने और उन्हें अपने सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। एनसीईआरटी द्वारा जारी कक्षा नौ की किताब 'अंडरस्टैंडिंग सोसायटी इंडिया ऐड बियॉन्ड भाग-2' के अध्याय में इसे शामिल किया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रणजीत सिंह के योगदान सहित आंदोलनों और अतीत की जानकारियां भी इस क्रम में शामिल की गई हैं।

एनसीईआरटी की यह पहल काशी के ऐतिहासिक महत्व को नई पीढ़ी के सामने लाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। यह छात्रों को न केवल काशी विश्वनाथ के बारे में जानकारी प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें अपने इतिहास और संस्कृति के प्रति गर्व महसूस कराने में भी मदद करेगा। जारी मीड‍िया र‍िपोर्ट के अनुसार काशी विश्वनाथ का इतिहास अब पाठ्यपुस्तकों का हिस्सा बनकर नई पीढ़ी को प्रेरित करेगा और उन्हें अपने सांस्कृतिक धरोहर के प्रति जागरूक करेगा।