वाराणसी में गंगा ने फिर दिखाया रौद्र रूप, नमोघाट पर बाढ़ की वजह से रस्सी लगाकर की गई बैरिकेडिंंग
चक्रवात और भारी बारिश के कारण वाराणसी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे नमो घाट पर ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, वाराणसी। अर्नब चक्रवात का असर गुजरने के बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में हुई जोरदार बारिश के चलते गंगा का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ गया है। बारिश के बाद गंगा में बढ़ाव जारी रहने के कारण सुरक्षा के दृष्टिकोण से नमो घाट पर रस्सी लगाकर बैरिकेडिंग की गई है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि लोग गहरे पानी में न जा सकें। वर्तमान में सिंगल स्कैल्प पर पानी भरना शुरू हो गया है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 24 घंटों में पूरे नमो घाट क्षेत्र में पानी भर जाएगा।
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, 29 सितंबर को दोपहर 12 बजे तक गंगा का जलस्तर 68.25 मीटर दर्ज किया गया है। गंगा में प्रति घंटे 3 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ाव जारी है। बढ़ते जलस्तर के कारण घाटों पर बाढ़ के हालात बनने लगे हैं। पहले से ही नाव संचालन पर रोक लगी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण प्रशासन ने सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है। नमो घाट पर बैरिकेडिंग के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी चेतावनी दी गई है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और गहरे पानी में जाने से बचें। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
गंगा के जलस्तर में वृद्धि का यह सिलसिला पिछले कुछ दिनों से जारी है, जिससे घाटों पर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है और इससे उनकी दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। नावों के संचालन पर रोक के कारण कई लोग अपने काम पर नहीं जा पा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।

इस बीच, मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में मानसून की विदायी के पूर्व और बारिश की संभावना जताई है, जिससे जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तुरंत अधिकारियों से संपर्क करें।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से न केवल स्थानीय निवासियों को बल्कि पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घाटों पर आने वाले पर्यटकों को भी सलाह दी गई है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और जलस्तर की स्थिति पर ध्यान दें।
वाराणसी में गंगा का रौद्र रूप एक बार फिर से देखने को मिला है, जिससे प्रशासन और स्थानीय निवासियों के लिए चुनौतियाँ बढ़ गई हैं। सभी को मिलकर इस स्थिति का सामना करना होगा और सुरक्षा के सभी उपायों का पालन करना होगा।
