वाराणसी, जेएनएन। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण-सुंदरीकरण परियोजना के दूसरे चरण में कारिडोर का निर्माण शुरू हो गया। इसमें सबसे पहले मंदिर चौक उभर कर सामने आएगा। अहमदाबाद की निर्माण कंपनी पीएसपी प्रोजेक्ट्स ने मकर संक्रांति पर इसके लिए पूजन-अर्चन किया तो दूसरे ही इंजीनियरों-कारीगरों की टीम उतार दी। मंदिर परिसर की सीमा के ठीक बाहर पिलर के लिए गड्ढे खोदने के साथ नापजोख करते हुए समतलीकरण भी शुरू कर दिया।

डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अनुसार विस्तार व सुंदरीकरण परियोजना को चार चरणों में बांटा गया है। इसमें सबसे पहले मंदिर छोर के हिस्से पर जोर है। इसके तहत पहले चरण में 72 गुणित 42 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में चौक को आकार दिया जाएगा। इस 28, 000 वर्ग मीटर के चौक में श्रद्धालुओं की कतार के साथ ही विश्राम के लिए स्थान होगा। इसमें बनारस म्यूजिम समेत कुछ दुकानें भी होंगी ताकि श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएं मिल सकें। इसके अलावा दूसरे चरण में मंदिर परिसर को विस्तारित किया जाएगा। इसमें कालिका गली और पिछले हिस्से यानी गेट संख्या एक व पांच से होते ज्ञानवापी परिसर सजाया जाएगा। परियोजना के तीसरे चरण में ललिता घाट, जलासेन व मणिकर्णिका-सिंधिया घाट तक के कार्य कराए जाएंगे। अंत में गेट नंबर चार यानी छत्ताद्वार की ओर से कार्य करते हुए मशीनें बाहर निकल जाएंगी।

प्रवेश निकास के लिए चार द्वार

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण व सुंदरीकरण परियोजना में बाबा दरबार में जाने के लिए चार रास्ते रखे जाएंगे। इनमें तीन पर भव्य गेट बनाए जाएंगे। इसमें सड़क की ओर से छत्ताद्वार, गली की ओर से सरस्वती फाटक और तीसरा गंगा छोर पर ललिताघाट पर होगा। इसके अलावा मंदिर के पिछले हिस्से में बांसफाटक होते वीआइपी गेट होगा।

हास्पिटल में 24 से पीएसपी का चैैंबर

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर चार पर नयति हास्पिटल की ओर से चलाया जा रहा चिकित्सा केंद्र 24 जनवरी से बंद हो जाएगा। इसमें निर्माण कंपनी का चैैंबर होगा। इसके आसपास की जमीन पर मशीनें-उपकरण व निर्माण सामग्री रखी जाएंगी। अस्पताल के साथ अनुबंध में ही निर्माण के समय इसे हटाने की शर्त रखी गई थी। इस लिहाज से ही अस्थायी अस्पताल बनाने की अनुमति दी गई थी। इसे पिछले साल नवरात्र में शुरू किया गया था। अस्पताल प्रशासन के अनुसार कार्य पूरा होने के बाद फिर से श्रद्धालुओं को चिकित्सा सेवा मिलेगी।

लक्ष्य एक साल

विश्वनाथ धाम के तहत कारिडोर निर्माण एक साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लिहाज से मंदिर की ओर से कार्य शुरू कर रहे हैैं। हालांकि इसके लिए शासन ने डेढ़ साल का समय दिया है। - विशाल सिंह, सीईओ, काशी विश्वनाथ मंदिर व विशिष्ट क्षेत्र।

मंदिर पर फोकस

निर्माण में पूरा फोकस मंदिर पर है। इस लिहाज से पहले चौक बनाएंगे, फिर परिसर के भीतर कार्य होगा। समयबद्धता को देखते हुए कंपनी ने कार्य शुरू कर दिया है। वर्क आर्डर की औपचारिकता पूरी होती रहेगी।

-ईं. संजय गोरे, अधिशासी अभियंता, लोकनिर्माण विभाग।

Posted By: Saurabh Chakravarty

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस