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वाराणसी में कडल्ली कैटरपिलर स्कूल में शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित, श‍िक्षा के आधुन‍िक तौर तरीकों को स‍िखाया

By Digital Desk Edited By: Abhishek sharma
Published: Mon, 14 Sep 2026 10:17 AM (IST)

वाराणसी के कडल्ली कैटरपिलर स्कूल में 11 और 12 सितंबर को दो दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इस ...और पढ़ें

वाराणसी में कडल्ली कैटरपिलर स्कूल ने शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण विधियों से प्रशिक्षित किया।

वाराणसी में कडल्ली कैटरपिलर स्कूल ने शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण विधियों से प्रशिक्षित किया।

HighLights

  1. कडल्ली कैटरपिलर स्कूल में दो दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न हुई।

  2. नताशा थोलिया ने प्रारंभिक शिक्षा और खेल आधारित शिक्षण पर मार्गदर्शन दिया।

  3. कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण कौशलों से सुसज्जित करना था।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। कडल्ली कैटरपिलर स्कूल में 11 एवं 12 सितंबर को दो दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का संचालन दिल्ली की प्रसिद्ध अर्ली ईयर्स कंसल्टेंट एवं शिक्षक प्रशिक्षक  नताशा थोलिया द्वारा किया गया।

कार्यशाला में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा, बच्चों के सीखने की प्रक्रिया, खेल आधारित शिक्षण और बाल-अनुकूल कक्षा वातावरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। शिक्षकों ने विभिन्न गतिविधियों और संवादात्मक सत्रों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कडल्ली कैटरपिलर स्कूल के चेयरमैन श्री संदीप चौरसिया ने कहा कि मजबूत शिक्षा की नींव प्री-स्कूल और प्रारंभिक वर्षों में ही रखी जाती है। उनका मानना है कि यदि प्री-स्कूल शिक्षक आधुनिक शिक्षण कौशलों, प्रभावी पद्धतियों और बाल-केंद्रित दृष्टिकोण से सुसज्जित हों, तो बच्चों को बेहतर सीखने के अवसर प्राप्त होते हैं और उनके समग्र विकास की मजबूत आधारशिला तैयार होती है।

यह कार्यशाला स्कूल में शिक्षकों के लिए प्रारंभ किए गए आठ सत्रों वाले व्यावसायिक विकास कार्यक्रम की पहली कड़ी है, जिसका उद्देश्य शिक्षण की गुणवत्ता को और अधिक सशक्त बनाना है।

इस कार्यशाला के माध्यम से शिक्षकों को नवीनतम शिक्षण विधियों और तकनीकों से अवगत कराया गया, जिससे वे अपने छात्रों के लिए एक प्रेरणादायक और समृद्ध शैक्षणिक वातावरण तैयार कर सकें। नताशा थोलिया ने शिक्षकों को बताया कि कैसे खेल आधारित शिक्षण बच्चों की संज्ञानात्मक और सामाजिक क्षमताओं को विकसित करने में सहायक होता है।

शिक्षकों ने कार्यशाला के दौरान विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया, जिसमें समूह चर्चा, रोल-प्ले और प्रायोगिक सत्र शामिल थे। इन गतिविधियों ने शिक्षकों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने और अपने शिक्षण कौशल को सुधारने का अवसर प्रदान किया।

कडल्ली कैटरपिलर स्कूल का यह प्रयास न केवल शिक्षकों के लिए बल्कि बच्चों के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगा। इस प्रकार की कार्यशालाएँ शिक्षकों को उनके पेशेवर विकास में मदद करती हैं और उन्हें नवीनतम शैक्षणिक प्रवृत्तियों से अवगत कराती हैं।