इस बार फीकी रहेगी दीपावली की मिठास, चीनी 62 रुपये तक जा पहुंची, महंगाई के मार से मध्यम वर्ग सर्वाधिक प्रभावित
दीपावली पर चीनी सहित अन्य मिठाइयों के सामान की कीमतें बढ़ने से इस बार त्योहार की मिठास फीकी पड़ सकती ...और पढ़ें

दीपावली पर महंगाई का असर: चीनी सहित मिठाइयों के दाम बढ़े, त्योहार की मिठास हुई फीकी।
HighLights
चीनी का दाम 40 से 60-70 रुपये प्रति किलो पहुंचा।
मिठाई बनाने के अन्य सामान भी हुए महंगे।
चांदी वर्क, परवल मिठाई के भाव भी चढ़े।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। इस बार दीपावली पर चीनी की बढ़ी हुई कीमतें मिठास को कम करने जा रही हैं। पिछले वर्ष जो भाव चालीस रुपये तक था वह इस बार 60 रुपये को पार कर चुका है। माना जा रहा है कि दीपावली तक भाव और बढ़े तो जायके पर फर्क ही नहीं जेब पर भी त्योहार भारी पड़ेगा। दीपावली पर सिर्फ चीनी ही क्यों बेसन और मैदा सहित खोये का भाव भी बढ़ा हुआ है।
इसी वर्ष पांच से आठ रुपये तक दूध का भी भाव बढ़ चुका है, इस लिहाज से चीनी का बढ़ा भाव ही नहीं अन्य प्रोडक्ट और मसालों की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। कीमतों में बढ़ोतरी से मिठाई के भाव में अगर बदलाव नहीं हुआ है तो समझ जाएं कि इसमें मिलावट है। खील और बताशे तो पूरी तरह चीनी से बनते हैं उनकी कीमतें सौ की जगह इस बार 150 रुपये तक पहुंच सकता है।
वहीं दूसरी ओर बाजार में मिठाई के कारोबारी भी परेशान हैं क्योंकि चांदी का वर्क भी दो गुना से अधिक हो चुका है, काजू कतली और पिस्ता रोल में लगने वाला वर्क भी महंगा होने से लक्जरी मिठाई के भाव भी चढ़ गए हैं। बाढ़ की वजह से परवल का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। इसकी वजह से परवल की मिठाई का भाव भी प्रभावित होने की उम्मीद है।
अगस्त में भी बढ़े थे चीनी के दाम
अगस्त 2026 के मध्य और अंतिम सप्ताह में भी चीनी की कीमतों में तेजी देखी गई थी। 20 से 24 अगस्त के बीच कुछ बाजारों में चार दिनों के भीतर पांच से नौ रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई थी। उत्तर प्रदेश समेत कुछ राज्यों में चीनी के भाव पांच से 7.50 रुपये प्रति किलो तक बढ़ने की खबरें सामने आई थीं।
कुछ स्थानों पर खुदरा भाव 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था। बात अगर आनलाइन खरीदारी की करें तो चीनी के भाव अलग-अलग वेबसाइट पर अलग अलग दिख रहें है किसी पर चीनी 65 तो कही 70 रुपये किलो तक बिक रहीं है। माना जा रहा है कि अगर चीनी सहित अन्य उत्पादों का भाव नहीं गिरा तो दीपापली का जायका फीका होना तय है।
