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राम मंद‍िर मामले में मुख्य दोषियों को बचाकर कुछ लोगों को बलि का बकरा बनाया गया : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

By Saurabh Agrawal Edited By: Abhishek sharma
Published: Thu, 01 Oct 2026 12:35 PM (IST)

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती छत्तीसगढ़ में चातुर्मास पूर्ण कर काशी पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ। उन्होंने गोमाता को 'राष्ट्रमाता' का ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, वाराणसी। छत्तीसगढ़ में चातुर्मास व्रत अनुष्ठान पूर्ण करने के बाद बुधवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती काशी पहुंचे। यहां ब्रह्मचारी परमात्मानंद की अगुवाई में ढोल-नगाड़ों, शहनाई वादन, पुष्पवर्षा और गगनभेदी जयकारों से उनका स्वागत किया गया।
केदारघाट स्थित श्रीविद्यामठ पहुंचने पर कमला प्रसाद मिश्र व प्रेमलता मिश्र ने विधि-विधान से उनकी चरण पादुका का पूजन कर आरती उतारी।

मार्ग में श्रद्धालुओं ने उनका दर्शन, वंदन कर आशीर्वाद लिया। श्रीविद्यामठ में पत्रकारों से अपने आगे के अभियानों की चर्चा करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गोमाता के प्राणों की रक्षा करना और उन्हें 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलाना है। ऐसा नहीं हुआ तो सनातनियों को इतना जागृत कर देंगे कि इसे करने के लिए राजनीतिक दल मजबूर हो जाएंगे।

उन्होंने अयोध्या राम मंदिर के चंदा चोरी प्रकरण पर कहा कि इस मामले में मुख्य दोषियों को बचाकर कुछ लोगों को बलि का बकरा बनाया गया है। मीडिया प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि महाराज नवरात्र में काशी में ही प्रवास करेंगे। इस अवधि में उनके सानिध्य में विविध आध्यात्मिक कार्यक्रम होंगे। इस दौरान साध्वी पूर्णांबा, साध्वी शारदांबा, अनुसूया प्रसाद उनियाल, रवि त्रिवेदी उपस्थित रहे।