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GOOD NEWS : त्‍योहार से पहले चीनी के दाम छह रुपये तक गिरे, एक सप्ताह में 54 से पहुंचा 48 रुपये किलो

By Anurag Singh Edited By: Abhishek sharma
Published: Tue, 22 Sep 2026 12:07 PM (IST)

वाराणसी में उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है क्योंकि एक सप्ताह में चीनी के फुटकर दाम 6 रुपये प्रति किलो ...और पढ़ें

त्योहारों से पहले वाराणसी में चीनी के दाम गिरे, उपभोक्ताओं को बड़ी राहत।

त्योहारों से पहले वाराणसी में चीनी के दाम गिरे, उपभोक्ताओं को बड़ी राहत।

HighLights

  1. वाराणसी में एक सप्ताह में चीनी के दाम 6 रुपये गिरे।

  2. फुटकर बाजार में चीनी अब 54 से 48 रुपये प्रति किलो।

  3. प्रशासन की सख्ती से थोक मंडी में भी कीमतों में गिरावट।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। चीनी की लगातार गिरती कीमतों से उपभोक्ताओं को राहत मिली है। फुटकर बाजार में एक सप्ताह में चीनी के भाव में छह रुपये प्रति किलो की गिरावट आई है। एक सप्ताह पहले 54 रुपये किलो बिक रही चीनी अब 48 रुपये किलो पहुंच गई है। थोक मंडी में कीमतों में लगातार गिरावट का असर फुटकर बाजार में भी दिखाई दे रहा है।

खोजवां बाजार के किराना दुकानदार सचिन ने बताया कि करीब एक माह पहले चीनी का भाव बढ़कर 65 रुपये किलो तक पहुंच गया था। इसी दौरान विश्वेश्वरगंज थोक मंडी में चीनी की कीमत 6400 रुपये प्रति क्विंटल हो गई थी। हालांकि प्रशासन की सख्ती के बाद थोक बाजार में कीमतों में गिरावट शुरू हुई, जिसका असर अब फुटकर बाजार में भी दिख रहा है।

विश्वेश्वरगंज भैरवनाथ व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रतीक कुमार गुप्ता ने बताया कि एक माह पहले चीनी 6400 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई थी। इसके बाद थोक कीमत में लगातार 100 से 200 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट होती रही। अब मंडी में चीनी का भाव करीब 5000 रुपये प्रति क्विंटल रह गया है।

कीमतों में लगातार गिरावट को देखते हुए फुटकर दुकानदार भी मंडी से सीमित मात्रा में ही खरीदारी कर रहे हैं।व्यापारियों के अनुसार सरकारी चीनी मिलों से कीमतों में तेजी का असर बाजार पर पड़ा था। बाद में प्रशासन की सख्ती के बाद मिलों से दाम घटने लगे तो थोक और फिर फुटकर बाजार में भी कीमतें नीचे आने लगीं।

बीते 25 अगस्त को एडीएम आपूर्ति अमित कुमार ने थोक चीनी विक्रेताओं के साथ बैठक कर कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए प्रतिदिन स्टाक पोर्टल पर अपडेट करने का निर्देश दिया था। साथ ही प्रत्येक शुक्रवार को स्टाक की रिपोर्ट देने को कहा गया था। व्यापारियों ने भी निर्देशों का पालन करने पर सहमति जताई थी।