वाराणसी, जेएनएन। ऑनलाइन स्नातक व स्नातकोत्तर की परीक्षा कराने की मांग को लेकर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रों ने सोमवार को तोड़फोड़ व हंगामा किया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने शुल्क काउंटर बंद करा दिया। इस दौरान किसी शरारती तत्वाें ने काउंटर की खिड़की का शीशा भी फोड़ दिया।

यही नहीं छात्रों ने प्रशासनिक भवन पर ताला चढ़ा दिया और प्रशासनिक भवन में धरने पर बैठे हैं, जिसके चलते कर्मचारी पूरे दिन कार्यालय में ही कैद रहे। इस दौरान छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे। चीफ प्रॉक्टर प्रो. संतोष कुमार ने आंदोलनरत छात्राें को देरशाम तक समझाने की कोशिश में जुटे रहे लेकिन छात्र मानने को तैयार नहीं हैं। छात्र कुलपति व कुलसचिव से वार्ता करने के लिए अड़े हुए हैं। वहीं कुलपति व कुलसचिव कार्यालय नहीं आए हैं। छात्रों ने मांगे पूरी न होने पर बेमियादी आंदोलन की चेतावनी दी है।

छात्रों का कहना है कि कोरोना महामारी का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ऐसे स्थिति में आफलाइन परीक्षा संक्रमण को बढ़ावा देना है। वर्तमान परिस्थितियों में अध्यापक, छात्र, कर्मचारी कोई भी संक्रमित हो सकता है। ऐसे में यदि कोई परीक्षार्थी संक्रमित होता है तो ऐसी स्थिति उसकी परीक्षा छूटनी तय है। छात्रों ने सवाल खड़ा किया कि परीक्षा के दौरान कोई परीक्षार्थी संक्रमित न हो। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन के पास क्या इंतजाम है। यदि ऑनलाइन परीक्षा लेना अनिवार्य है तो सभी परीक्षार्थियों का पहले बीमा कराया जाय। धरना-प्रदर्शन में मुख्य रूप से छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष संदीप यादव, अभिषेक यादव, प्रियेशु यादव, अभिनाश त्रिपाठी, शुभम पाल, रविंद्र कुमार पटेल सहित अन्य छात्र शामिल हैं।

 

उपाधि के लिए भटक रहे छात्र

छात्रों के प्रदर्शन के चलते पूरे दिन कार्यालय का कामकाज प्रभावित रहा। उपाधि के लिए छात्र इधर-उधर भटक रहे हैं। काउंटर का शीशा फोड़ देने से क्षुब्ध कर्मचारियों ने कामकाम पूरी तरह से ठप कर दिया। चंदौली के सुजीत यादव (वर्ष 2018) बीए, बलिया के राज किशोर (वर्ष 2014) बीए, प्रयाग से राम सहारे यादव (वर्ष 2015) बीए, सोनभद्र से प्रदीप यादव (वर्ष 2017) बीए की उपाधि लेने आए थे। देरशाम तक परिसर में इधर-उधर भटकने के बाद भी उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ा। सभी छात्रों को यूपी-एसआई के भर्ती का फार्म में उपाधि की आवश्यकता है।