काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्रों ने एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्यों से मुलाकात की, छात्रहित के मुद्दों को लेकर सौंपा पत्र
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्यों से मुलाकात कर छात्रहित से जुड़े महत्वपूर्ण ...और पढ़ें

काशी हिंदू विश्वविद्यालय: छात्रों ने एग्जीक्यूटिव काउंसिल को सौंपे छात्रहित के मुद्दे, की छात्रसंघ बहाली की मांग।
HighLights
छात्रसंघ बहाली और लोकतांत्रिक छात्र प्रतिनिधित्व की मांग की गई।
छात्रावास से निलंबित छात्रों के मामलों की निष्पक्ष समीक्षा हो।
चीफ प्रॉक्टर की कार्यप्रणाली पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्रों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण एवं लंबित मुद्दों को लेकर आज छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्यों से मुलाकात की और उन्हें एक पत्र सौंपा। छात्रों ने आग्रह किया कि आज होने वाली एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में छात्रहित से जुड़े इन सभी मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाए और इनके समाधान के लिए आवश्यक निर्णय लिए जाएं।
छात्रों ने अपने पत्र के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दे उठाए:
1. छात्रसंघ की बहाली एवं लोकतांत्रिक छात्र प्रतिनिधित्व
छात्रों ने विश्वविद्यालय में छात्रसंघ की बहाली और लोकतांत्रिक छात्र प्रतिनिधित्व की व्यवस्था पुनः स्थापित करने की मांग की। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की समस्याओं को संस्थागत एवं लोकतांत्रिक तरीके से रखने के लिए प्रभावी छात्र प्रतिनिधित्व आवश्यक है। इसलिए छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया को पुनः प्रारंभ करने की दिशा में ठोस पहल की जानी चाहिए।
2. छात्रों के छात्रावास से निलंबन का मामला
छात्रों ने विभिन्न मामलों में छात्रों को छात्रावास से निलंबित किए जाने की प्रक्रिया पर चिंता व्यक्त की। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि जिन छात्रों के विरुद्ध छात्रावास संबंधी कार्रवाई की गई है, उनके मामलों की निष्पक्ष समीक्षा एवं उचित सुनवाई सुनिश्चित की जाए और किसी भी छात्र के विरुद्ध कार्रवाई करने से पहले निर्धारित नियमों एवं प्रक्रिया का पालन किया जाए।
3. चीफ प्रॉक्टर की कार्यप्रणाली को लेकर छात्रों की आपत्ति
छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर की कार्यप्रणाली और छात्रों के साथ व्यवहार को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई। छात्र प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ संवाद एवं सुनवाई की प्रक्रिया को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है। छात्रों ने Executive Council से मांग की कि इस पूरे मामले की गंभीरता से समीक्षा की जाए और चीफ प्रॉक्टर को तत्काल पद से हटाने अथवा उनके विरुद्ध आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई करने पर विचार किया जाए।
4. छात्रों की समस्याओं के लिए प्रभावी शिकायत एवं संवाद व्यवस्था
छात्रों ने विश्वविद्यालय में छात्रों की समस्याओं के त्वरित एवं निष्पक्ष समाधान के लिए एक प्रभावी शिकायत एवं संवाद व्यवस्था स्थापित करने की भी मांग की। छात्रों का कहना है कि प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच नियमित संवाद होने से कई विवादों को समय रहते सुलझाया जा सकता है।
छात्र नेता शिवांश सिंह ने कहा कि, काशी हिंदू विश्वविद्यालय देश के महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थानों में से एक है। यहां छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। हमारा उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय में छात्रों के अधिकारों, सम्मान और लोकतांत्रिक भागीदारी को सुनिश्चित करना है। हमने एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्यों से आग्रह किया है कि आज की बैठक में इन सभी मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा की जाए और छात्रहित में ठोस निर्णय लिए जाएं।
उन्होंने कहा कि छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ संवाद और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी समस्याओं का समाधान चाहते हैं। यदि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर उचित स्तर पर चर्चा होती है तो विश्वविद्यालय में सकारात्मक एवं स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण को और मजबूत किया जा सकता है।
छात्र प्रतिनिधिमंडल ने एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्यों से उम्मीद जताई कि छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दों को बैठक के एजेंडे में उचित स्थान दिया जाएगा और छात्रहित में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। प्रतिनिधिमंडल में छात्र नेता शिवांश सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, शशांक, अमित, आदित्य, अमन सहित अन्य छात्र मौजूद रहे।
