वाराणसी, जेएनएन। जिले में विभिन्न स्थानों पर धरना व प्रदर्शन होने के कारण सामान्यजन को काफी परेशानी होती है। यातायात जाम की स्थिति हो जाती है। इसी का संज्ञान लेते हुए एक पीआइएल के तहत उच्च न्यायालय ने स्पष्ट आदेश दिया है। आदेश में है कि प्रत्येक जिले में जनपद एवं तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन के लिए उचित स्थान निर्धारित किया जाए जहां पर लोकतांत्रिक तरीके से एक तरफ सुचारू रूप से धरना-प्रदर्शन हो सके। जनसामान्य को किसी भी तरह की परेशानी न हो और कानून व्यवस्था भी प्रभावित न हो।

जिलाधिकारी ने कौशल राज शर्मा ने कहा कि इस निर्णय के बाद वाराणसी शहर में शास्त्री घाट को धरना-प्रदर्शन स्थल के रूप में चिह्नित किया गया था। स्पष्ट निर्देश के बावजूद विभिन्न संगठनों के द्वारा शास्त्री घाट के अलावा अन्य स्थानों पर धरना-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। ये न्यायालय के आदेश का स्पष्ट उल्लंघन है। अब जो इसका उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ एफआइआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने नगर क्षेत्र के लिए अपर जिला मजिस्ट्रेट (नगर), पुलिस अधीक्षक (नगर), नगर मजिस्ट्रेट, समस्त अपर नगर मजिस्ट्रेट, समस्त पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर समस्त प्रभारी निरीक्षक/ थाना प्रभारी नगर क्षेत्र को निर्देशित किया है कि अपने क्षेत्र अंतर्गत सभी जन-सामान्य व संगठनों की जानकारी में यह तथ्य लाएं कि उच्च न्यायालय के आदेश को ध्यान रखें और अपने-अपने क्षेत्र में किसी भी तरह का धरना-प्रदर्शन न होने दें।

शास्त्री घाट शहर का अधिकृत धरना स्थल है। उस स्थल पर धरना-प्रदर्शन के लिए जो भी अनुमति मांगे, उस पर कानून व्यवस्था की स्थितियों पर विचार करते हुए विधिवत अनुमति जारी की जाए। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्र के लिए एडीएम (प्रशासन), पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) समस्त एसडीएम, समस्त पुलिस क्षेत्राधिकारी ग्रामीण क्षेत्र एवं समस्त प्रभारी निरीक्षक/थाना प्रभारी ग्रामीण क्षेत्र को भी निर्देशित किया है कि अपने क्षेत्र अंतर्गत सभी जन सामान्य व संगठनों को धरना-प्रदर्शन स्थल की जानकारी दे दें।

भविष्य में यदि कहीं भी अधिकृत स्थल के अलावा अन्य किसी स्थल पर कोई भी व्यक्ति, संगठन धरना-प्रदर्शन आदि करें तो उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना मानते हुए उनके विरुद्ध सभी सुसंगत धाराओं में एफआइआर दर्ज कराते हुए कार्रवाई की जाए। कोई अनुचित रूप से धरना दे, तो वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी कराई जाए। पुलिस व प्रशासनिक बंदोबस्त उनको नियंत्रित करने में लगाया जाए तो उसका व्यय आंकलित करते हुए उसकी वसूली धरना कर रहे व्यक्तियों से आरसी के माध्यम से वसूल की जाए। 

Posted By: Abhishek Sharma

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