आठवें वेतन आयोग और पुरानी पेंशन योजना के लिए बनारस में बन रही रणनीति, कर्मचारी दिल्ली में भी करेंगे बैठक
आठवें वेतन आयोग की अनुशंसा और पुरानी पेंशन योजना को लेकर कर्मचारी संगठनों में चर्चा तेज हो गई है, जिसके ...और पढ़ें

आठवें वेतन आयोग और पुरानी पेंशन योजना पर कर्मचारी संगठनों की दिल्ली-वाराणसी में रणनीति।
HighLights
आठवें वेतन आयोग पर कर्मचारी संगठनों में चर्चा तेज।
97% रेलकर्मियों ने नई पेंशन योजना पर असहमति जताई।
दिल्ली में 12 सितंबर को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। विभिन्न कर्मचारी संगठनों के बीच आठवें वेतन आयोग की अनुशंसा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यह माना जा रहा है कि अगले छह महीनों में आठवां वेतन आयोग आकार ले लेगा। इस संदर्भ में कर्मचारी संगठनों के बीच इसे लागू करने और इसके स्वरूप को लेकर विचार-विमर्श जारी है। आठवें वेतन आयोग के फिटमेंट फैक्टर को भी बेहतर रखने की मांग इसमें शामिल है।
हाल ही में इस विषय पर एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें दिल्ली में प्रस्तावित बैठक और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। पुरानी पेंशन योजना के विकल्प न्यू पेंशन योजना और यूपीएस पर 97 प्रतिशत रेलकर्मियों ने असहमति जताई है। इस संबंध में 12 सितंबर को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
ये जानकारी नेशनल फेडरेशन आफ इंडियन रेलवे (एनएफआइआर) के नव नियुक्त जोनल सेक्रेटरी एसपी श्रीवास्तव ने दी। उन्होंने रविवार को कैंट स्टेशन स्थित रेलवे मजदूर भवन में बैठक कर आगे की रणनीति भी तय की है। हालांकि पूर्व में भी आठवें वेतन आयोग में अपने हितों के संरक्षण की मांग कर्मचारी कर चुके हैं।
एसपी श्रीवास्तव ने बताया कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू हो चुकी हैं और इसके क्रियान्वयन के लिए एनएफआइआर की ओर से प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। इसके अलावा, उन्होंने रेलवे में रिक्त पदों पर भर्ती और 18 महीने के डीए एरियर के भुगतान सहित कर्मचारी कल्याण से जुड़े 14 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी प्रकाश डाला।
रेलवे पेंशनर्स एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह की ओर से भी आयोजन में हिस्सा लिया गया है। इस अवसर पर यूआरएमयू के शाखा सचिव विंध्यवासिनी यादव, बीएलडबलू मेन्स कांग्रेस के महामंत्री आलोक वर्मा, मृत्युंजय सिंह, रोहित शर्मा, बैकुण्ठ सिंह, तारक नाथ और रामेश्वरम सिंह भी उपस्थित रहे।
कर्मचारी संगठनों के बीच इस मुद्दे पर एकजुटता और सक्रियता देखने को मिल रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वेतन आयोग और पेंशन योजनाओं के संबंध में कर्मचारियों की आवाज को सुनने की आवश्यकता है। आगामी बैठकें इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती हैं। कर्मचारियों की मांगों को लेकर बनी रणनीति और आगामी बैठकें इस बात का संकेत हैं कि कर्मचारी संगठनों का एकजुट प्रयास वेतन आयोग और पेंशन योजनाओं के मुद्दों को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
