वाराणसी, जेएनएन। श्रीलंका में सीरियल बम ब्लास्ट होने, कई लोगों की मौत और घायल होने से बौद्ध अनुयायी मर्माहत है। चर्च समेत होटलों में बम ब्लास्ट होने की सूचना मिलते ही उनके पैर से जमीन से खिसक गई, उन्हें समझ में नहीं आ रहा था, ये क्या हो गया। हमले से दुखी कई बौद्ध मंदिरों में भिक्षुओं ने खाना नहीं खाया। वे मंदिर में विश्व शांति के लिए पूजा करने के बाद कमरे में एकांतवास में चले गए। वहीं, श्रीलंका के रहने वाले और वहां से जुड़े बौद्ध अनुयायी मोबाइल पर संपर्क अपने शुभचिंतकों के बारे में जानकारी हासिल करने लगे। मृतकों की आत्मा की शांति के लिए कई बौद्ध मंदिरों में भिक्षुओं ने प्रार्थनासभा करने के साथ शांति की अपील की। 

बौद्ध मंदिरों में सुबह भिक्षु पूजा करने के नाश्ता करने जा रहे थे। टीवी चैनलों में अचानक बम ब्लास्ट की सूचना मिली तो वे अवाक रह गए। वे टीवी चैनल बदलकर देखने लगे तो सभी चैनलों पर बम ब्लास्ट की सूचना आ रही थी। श्रीलंका से तीर्थयात्रा पर निकले बौद्ध अनुयायियों को बम ब्लास्ट की सूचना मिली तो वे भी आनन-फानन मंदिर और होटल पहुंच गए। वे भी टीवी के सामने बैठ गए। वे होटल, पब्लिक फोन और मोबाइल से श्रीलंका फोन कर अपने शुभचिंतकों के बारे में जानकारी लेने। बिड़ला धर्मशाला में ठहरे श्रीलंका से आए बौद्ध अनुयायी रोने लगे। 

मृतकों की आत्मा की शांति के लिए की पूजा : श्रीलंका समेत विभिन्न देशों से आए बौद्ध अनुयायी शाम को बौद्ध मंदिरों में बम ब्लास्ट में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए पूजा की। उधर, सारनाथ के जम्बूद्वीप श्रीलंका बौद्ध मंदिर में शाम को श्रीलंका से आए 42 तीर्थ यात्रियों ने भगवान बुद्ध के सामने दीप जलाकर बम ब्लास्ट में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए पूजा की। 

बोले श्रीलंका बुद्ध बिहार प्रभारी : आतंकी घटना ने श्रीलंका को ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व को हिला दिया है। आतंकी संगठनों के खिलाफ सभी देशों को एक जुट होकर कार्रवाई करनी चाहिए। श्रीलंका में कई सालों की शांति को आतंकियों ने अशांति में बदल दिया। -भिक्षु केसिरी सुमेध थेरो, प्रभारी जम्बूद्वीप श्रीलंका बुद्ध बिहार।

Posted By: Abhishek Sharma

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