बनारस स्टेशन की चमक में मकड़ियों ने लगाया जाला, सफाई होती दुरुस्त तो यात्रियों को दिखती स्टेशन की रौनक
बनारस रेलवे स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार पर स्थापित भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप की प्रतिमा की उपेक्षा हो रही ...और पढ़ें

बनारस रेलवे स्टेशन पर अर्धनारीश्वर प्रतिमा की उपेक्षा, यात्रियों ने उठाई सफाई की मांग।
HighLights
बनारस स्टेशन पर अर्धनारीश्वर प्रतिमा की हो रही उपेक्षा।
प्रतिमा पर जाले और फव्वारे में गंदगी का अंबार।
यात्रियों ने तत्काल साफ-सफाई की व्यवस्था की मांग की।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। बनारस रेलवे स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार पर स्थापित भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप की उपेक्षा हो रही है। टिकट काउंटर के सामने लगी भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा पर झाला लग गया है और नीचे बने फव्वारे में गंदगी का अंबार है।
यह प्रतिमा काशी की संस्कृति और आस्था का प्रतीक है। बनारस स्टेशन पर उतरने वाले हर यात्री की पहली नजर इसी प्रतिमा पर पड़ती है। लेकिन महीनों से साफ-सफाई न होने के कारण प्रतिमा की चमक फीकी पड़ गई है। फव्वारे का पानी सड़ रहा है, उसमें काई जम गई है और कचरा तैर रहा है। फव्वारे की दीवारों पर गंदगी की पट्टी बन गई है।
यात्रियों में इसको लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि एक तरफ सरकार काशी को विश्व स्तरीय बनाने की बात करती है, दूसरी तरफ स्टेशन पर ही भगवान शिव का इस तरह अपमान हो रहा है। यह बनारस स्टेशन है, जहां से काशी विश्वनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ गुजरती है। ऐसे में स्टेशन के द्वितीय द्वार पर इस तरह की गंदगी काशी की छवि खराब कर रही है।
रेल प्रशासन द्वारा प्लेटफार्मों की साफ-सफाई पर ध्यान दिया जाता है, लेकिन द्वितीय प्रवेश द्वार पर बनी इस प्रतिमा की सुध कोई नहीं ले रहा। जबकि रेलवे ने ही इसे सुंदरता और आस्था के प्रतीक के तौर पर स्थापित किया था।
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने मांग की है कि रेल मंडल प्रशासन जल्द से जल्द प्रतिमा की साफ-सफाई कराए, फव्वारे को चालू कराए और यहां नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करे। इस संदर्भ में डीआरएम पूर्वोत्तर रेलवे आशीष जैन से संपर्क किया गया लेकिन बात नही हो पाई। इसके पूर्व भी उनको काल किया गया लेकिन उनका कॉल रिसीव नही हुआ था
