वाराणसी, जेएनएन। अमेरिका में एक बाघिन को कोरोना वायरस होने के भय से वन विभाग के अधिकारियों ने सारनाथ स्थित मिनी जू के वन्य जीवों के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किया है। जब तक कोरोना वायरस का असर रहेगा तब तक मांसाहारी जीवों का विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मिनी जू में दो घडिय़ाल दो, तीन मगरमच्छ, एक सारस, एक लोहा सारस, एक हवाशील, छह जांघिल, चार ईमू, छह लब बर्ड, 108 चीतल और आठ काला इस समय है। इन वन्य जीवों को कोरोना वायरस से  बचाने के लिए मिनी जू के प्रभारी अमित दुबे की देखरेख में वनकर्मी हाथो में दस्ताने और मास्क पहना कर  व सेनेटाइजर से पूर्ण रूप से सफाई करने के बाद ही पक्षियों  व चीतलों को दाना दे रहे हैं। साथ ही घडिय़ाल, मगरमच्छ व जलचर मांसाहारी जीवो को खाने के लिए आयी मछलियों को गर्म पानी मे डालने और धोने के बाद ही दिया जा रहा है । छोटे पक्षियों के बाड़े को भी सेनेटाइजर स्प्रे किया जाता है। इनके खाने व पीने वाले बर्तन को दोनों समय साफ किया जाता है ।

वहीं वन क्षेत्राधिकारी एके उपाध्याय ने बताया कि मांसाहारी जीवों का विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इनको खाने के लिए आने वाली मछलियों को गर्म पानी मे 25 मिनट में डालने के बाद ही दिया जाता हैं। छोटे पक्षियों के बाड़े को स्प्रे द्वारा सेनेटेराइज किया जाता है। यह क्रम कोरोना वायरस के रहने तक चलता रहेगा। सभी जानवरों को बेहतर तरीके से देखभाल किया जा रहा है। इनकों को कई दिक्कत न हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। डाक्टरी सेवा के साथ ही खा-पान सही हो इस दिशा में रोज पहल हो रही है। सामान्य दिनों में तो सारनाथ आने वाले पर्यटक इस चिडिय़ाघर को देखने के लिए आते थे। बच्चों में खास तौर से इसके प्रति लगाव रहता है।

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