वाराणसी, जेएनएन। देश में बुलेट ट्रेन के परिचालन के लिए भारतीय रेल ने छह कारिडोर को चिह्नित किया है। इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) एक साल में तैयार हो जाएगी। इनमें हाई स्पीड कारिडोर पर ट्रेन की रफ्तार 300 किलोमीटर प्रति घंटे होगी, जबकि सेमी हाई स्पीड कारिडोर पर ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। ये कारिडोर देश के कई महानगरों से होकर गुजरेंगे। 

इन छह कारिडोर में दिल्ली-नोएडा-आगरा-वाराणसी के बीच 865 किलोमीटर की दूरी भी शामिल है। इस रेलवे रूट पर हाई स्पीड ट्रेन चलाने की योजना पर काम दो साल पहले से ही चल रहा है। वर्ष 2018 में ही स्पेन की कंपनी इनको टिप्सा आइसीटी ने सर्वे करने के बाद हाई स्पीड ट्रेन परिचालन परियोजना की रिपोर्ट रेल कारपोरेशन को सौंप दी थी। 300 किमी की रफ्तार से बुलेट ट्रेन तीन घंटे में वाराणसी तक का सफर पूरा करेगी।

लखनऊ-वाराणसी रेलखंड का हो रहा आधुनिकीकरण

लखनऊ-वाराणसी रेलखंड के आधुनिकीकरण का काम पूर्ण होने को है। लखनऊ-वाराणसी रेलखंड के उतरेटिया स्टेशन से जफराबाद रेलवे स्टेशन के बीच 271 किमी तक डबल ट्रैक बनकर तैयार हो गया है। इस ट्रैक पर गाडिय़ों का संचालन भी शुरू हो गया है। इस रेलखंड पर भविष्य में बुलेट ट्रेन के संचालन को देखते हुए बहुत ठोंक-बजाकर काम चल रहा है। रेल अधिकारियों की टीम इस रेलखंड को बार-बार परख रही है। 

इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन

उतरेटिया-जफराबाद रेलखंड पर 22 पैसेंजर ट्रेन और 120 एक्सप्रेस ट्रेनों का आवागमन होता है। वहीं जफराबाद-वाराणसी के बीच 28 पैसेंजर ट्रेनों का आवागमन है और करीब 206 मेल (एक्सप्रेस) सुपरफास्ट ट्रेनें चलती हैं। यह रूट माल ढुलाई के लिए भी महत्वपूर्ण है। एक आंकड़े के अनुसार इस रेलखंड पर 18 मालगाडिय़ों का प्रतिदिन आवागमन होता है। 

इस रेलखंड पर ये हैं प्रमुख ट्रेनें

-नई दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी

-वाराणसी-जम्मूतवी बेगमपुरा,

-हरिद्वार हावड़ा कुंभ एक्सप्रेस,

-सुहेलदेव एक्सप्रेस, 

-वरुणा एक्सप्रेस, 

-श्रमजीवी एक्सप्रेस

-सद्भावना एक्सप्रेस

-महामना एक्सप्रेस

-मरुधर एक्सप्रेस

-हावड़ा एक्सप्रेस आदि।

इन स्टेशनों पर ठहराव संभावित

-नई दिल्ली 

-ग्रेटर नोएडा

-आगरा

-लखनऊ

-वाराणसी

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