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वाराणसी में बोले सपा नेता राज नारायण बिंद - 'भाजपा सरकार में पीडीए समाज के साथ अन्याय किया जा रहा'

By Digital Desk Edited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 09 Sep 2026 06:41 PM (IST)

समाजवादी पार्टी ने वाराणसी के बरकी गांव में पीडीए जन पंचायत आयोजित की, जहां राज नारायण बिंद ने भाजपा सरकार ...और पढ़ें

वाराणसी में सपा का पीडीए जन पंचायत: राज नारायण बिंद ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप।

वाराणसी में सपा का पीडीए जन पंचायत: राज नारायण बिंद ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप।

HighLights

  1. सपा ने वाराणसी में पीडीए जन पंचायत कार्यक्रम का आयोजन किया।

  2. राज नारायण बिंद ने भाजपा पर पीडीए समाज से अन्याय का आरोप लगाया।

  3. पीडीए समाज को अपने अधिकारों के लिए जागरूक होने का आह्वान किया।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। समाजवादी पार्टी द्वारा पीडीए समाज को संगठित करने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बुधवार को सेवापुरी विधानसभा अंतर्गत बरकी गांव में पीडीए जन पंचायत एवं जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बिंद, मल्लाह एवं केवट समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री व पूर्व विधायक राज नारायण बिंद थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज नारायण बिंद ने कहा कि भाजपा सरकार में पीडीए समाज के साथ जितना अन्याय, अत्याचार और उत्पीड़न हुआ है, उतना पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पिछड़े, दलित और वंचित समाज के लोगों को फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है और हिरासत में मौतों की घटनाएं भी सामने आई हैं।

बिंद ने आरोप लगाया कि यह सब एक सोची-समझी नीति के तहत किया जा रहा है, ताकि पीडीए समाज के लोगों को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा सके। उन्होंने कहा कि अब पीडीए समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा और अपने हक की लड़ाई मजबूती से लड़नी होगी।

जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ ने कहा कि समाजवादी पार्टी ही सामाजिक न्याय, संविधान और समान अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ा सकती है। उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पीडीए समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष करें और उन्हें संगठित करें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष पखंडी बिंद ने की, जबकि संचालन अमरनाथ मास्टर ने किया। इस अवसर पर कई अन्य नेताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए, जिनमें राजेश यादव, महेंद्र सोनकर, अनूप नट, हरिशंकर बिंद, आल्हा बिंद, बिहारी बिंद पूर्व प्रधान, प्रमोद यादव, रामभरोस, गणेश बिंद, जयशंकर बिंद, संतोष बिंद, कैलाश बिंद, आध्या प्रसाद, रामबली बिंद, रेवती रमन, विनोद मौर्या एवं राजेश बिंद शामिल थे।