सोनभद्र, जेएनएन। घोरावल के उभ्भा गांव में 17 जुलाई को भूमि पर कब्जे को लेकर हुए नरसंहार में धांय-धांय गोलियां चल रही थीं। लाठियों से भी लोग पीटे जा रहे थे लाशें गिर रहीं थीं, घटनास्थल पर भगदड़ मची हुई थी लेकिन कोई कुछ सुन नहीं रहा था। मचा था तो सिर्फ और सिर्फ शोर-शराबा। यह पता चला घटना के छठवें दिन सोमवार को वायरल हुए वीडियो से। वीडियो में लाठी-डंडा चलने के साथ ही धांय-धांय गोलियां चल रही हैं और लाशें गिर रही हैं। पीडि़त ग्रामीण बचने के लिए भागने की भी कोशिश करते हुए देखे जा रहे हैं। इस वीडियो की चर्चा भी काफी हो रही है।

सोशल मीडिया पर उभ्भा नरसंहार मामले से जुड़ा दो वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में एक 18 सेकेंड का है। जिसमें दर्जनों की संख्या में ट्रैक्टर खेत की जोताई करने के लिए खड़े हैं। इन्हीं ट्रैक्टरों पर सवार होकर 300 हमलावर आए थे। वहीं उन्हें रोकने के लिए कुछ ग्रामीण खेत से ही जाते हुए देखे जा रहे हैं। थोड़ी ही देर में विवाद बढऩे लगता है। वहीं दूसरा वीडियो एक मिनट का है। उसमें पीडि़त पक्ष पर ग्राम प्रधान पक्ष की ओर से लाठी-डंडे से हमला करने का दृश्य है। वीडियो में बीच-बीच में धांय-धांय गोली चलने की भी आवाज हो रही है। इसी वीडियो में बचकर भागने के लिए कहने की आवाज भी आ रही है। वीडियो वायरल होते ही घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चा शुरू हो गई। सवाल उठा कि आखिर यह वीडियो किसने बनाया।

बता दें कि 17 जुलाई को 148 बीघे भूमि पर कब्जे को लेकर हुए नरसंहार में दस लोगों की मौत हो गई थी और 28 लोग घायल हुए। घटना के पांचवें दिन रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गांव का दौरा किया। इस मामले में एसडीएम, सीओ, एसएचओ घोरावल सहित पांच लोगों को निलंबित भी कर दिया गया। विस्तृत जांच भी शासन द्वारा कराई जा रही है। इसके साथ ही सीएम ने घटना के मुख्य आरोपित ग्राम प्रधान यज्ञ दत्त भूर्तिया को सपा का कार्यकर्ता बताया था।  

Posted By: Saurabh Chakravarty

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