बलिया, जेएनएन। बैरिया तहसील में बुधवार की दोपहर बाद बीएलओ को हटाने की मांग को लेकर जमकर बवाल हुआ। विधायक पुत्र हजारी सिंह व उनके समर्थकों ने रजिस्ट्रार कानूनगो निर्वाचन राधेश्याम राम के साथ कहासुनी, हाथापाई व मारपीट की। इसके बाद रजिस्ट्रार कानूनगो निर्वाचन के समर्थन में तहसील के कर्मचारी अपने कार्यालय में ताला बंद कर हड़ताल पर चले गए। एसडीएम की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस डाक्टरी मुआयना के लिए रजिस्ट्रार कानूनगो निर्वाचन को सोनबरसा अस्पताल ले गई। इस मामले में 10 लोगों पर एफआइआर दर्ज किया गया है।

रेवती विकास खंड के जमधरवा (झरकटहां) ग्राम पंचायत में तैनात बीएलओ संगीता यादव पत्नी संजय यादव को वहां से हटाने के लिए विधायक के पुत्र रजिस्ट्रार कानूनगो निर्वाचन से आग्रह करने गए थे, जहां इस प्रकरण को लेकर रजिस्ट्रार कानूनगो के साथ कहासुनी और मारपीट हो गई। इसकी सूचना एसडीएम ने बैरिया थाने को दी, जहां से कोतवाल सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गई। एसडीएम अशोक चौधरी का कहना है कि प्रकरण की जानकारी मैंने जिलाधिकारी को दे दी है।

रजिस्ट्रार कानूनगो निर्वाचन का कहना है कि विधायक के पुत्र व उनके पांच-छह समर्थकों ने मेरे साथ मारपीट की, जबकि विधायक सुरेंद्र सिंह के पुत्र हजारी सिंह ने मारपीट के आरोप को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि मैं तहसील में गया ही नही था। मैं बिहार में शिक्षकों की हड़ताल मे शामिल था। हमने अपने कार्यकर्ता कृष्णा सिंह के कहने पर एसडीएम साहब को फोन कर संबंधित बीएलओ को वहां से हटाने का आग्रह किया था। पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर मेरे ऊपर मारपीट का आरोप लगाया जा रहा है।

इस बाबत पूछने पर प्रभारी निरीक्षक संजय त्रिपाठी ने बताया कि हजारी सिंह, निखिल सिंह, मणिभूषण सिंह के अलावा सात अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी काम मे बाधा पहुंचाने, मारपीट की धमकी देने, बलवा व दलित उत्पीडऩ का मामला दर्ज किया गया है।

Posted By: Saurabh Chakravarty

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