वाराणसी, जेएनएन। आइफोन आपको 10 हजार में मिल जाए तो कितना अच्छा रहेगा? वह भी तब जब एडवांस में सिर्फ तीन हजार रुपये देने पड़े। जाहिर है कि स्टेटस सिंबल के लिए 25 हजार के मोबाइल पर मामूली रकम खर्च करनी पड़े तो कौन चूकना चाहेगा। साइबर ठग इसी सोच को हथियार बनाकर रोजाना लोगों की जेब में सेंध लगा रहे, जिनसे सावधान रहने की जरूरत है।

जानिए कैसे की जा रही ठगी

चौक थाना अंतर्गत राकेश कुमार से तीन हजार की ठगी हुई। उन्होंने बताया कि टेलीग्राम एप्स के जरिये आयुष मोदी से जुड़े थे। उसने खुद को कस्टम क्लीयरेंस अधिकारी बताते हुए मुंबई पोर्ट में तैनाती बताई थी। दस हजार में आई मोबाइल देने का प्रस्ताव देते हुए पेटीएम से तीन हजार एडवांस में ट्रांसफर करने को कहा। बोला कस्टम में हूं, लिहाजा यह मेरा अतिरिक्त कारोबार है। विश्वास कर रुपये जमा किए तो उन्हें ब्लाक कर दिया गया।

विभिन्न नाम के कस्टम अधिकारी

राकेश तो एक उदाहरण हैं। एप्स पर  आयुष मोदी, अरनब पांडेय, विजय सिंह राठौर समेत कई ठग लोगों को निशाना बना रहे हैं। खुद को कस्टम क्लीयरेंस अधिकारी बताते हुए आई फोन सस्ते में बेचने का दावा कर रहे हैं। पेटीएम से रुपये ट्रांसफर के बाद मोबाइल नंबर को ब्लाक कर देते हैं।

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Posted By: Vandana Singh

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